Dumri MLA Jairam Kumar Mahato Biography: ‘Tiger Jairam’ का उदय, JLKM से विधानसभा तक का राजनीतिक सफर
Giridih / Dumri |
- Dumri MLA Jairam Kumar Mahato Biography: ‘Tiger Jairam’ का उदय, JLKM से विधानसभा तक का राजनीतिक सफर
- प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- राजनीति से पहले का जीवन
- झारखंड में भाषा आंदोलन से पहचान
- 2024 लोकसभा चुनाव: निर्दलीय के रूप में मजबूत शुरुआत
- JLKM का गठन और नई राजनीति
- 2024 विधानसभा चुनाव: डुमरी से ऐतिहासिक जीत
- डुमरी सीट पर ‘गढ़’ का मिथक टूटा
- विधायक के रूप में अलग पहचान
- मुखर राजनीति और बेबाक तेवर
- युवा नेतृत्व की नई पहचान
डुमरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक जयराम कुमार महतो आज झारखंड की राजनीति में एक उभरते हुए युवा नेता के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। “टाइगर जयराम” के नाम से मशहूर जयराम महतो ने पारंपरिक राजनीति से हटकर युवाओं, स्थानीय मुद्दों और झारखंडी अस्मिता को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया है।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के संस्थापक नेता के रूप में उन्होंने बहुत कम समय में राज्य की राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जयराम कुमार महतो का जन्म 27 दिसंबर 1994 को मानटांड (चितरपुर) गांव, प्रखंड तोपचांची, जिला धनबाद (झारखंड) में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
युवा अवस्था में ही उन्होंने झारखंड के भाषा, संस्कृति, रोजगार और पहचान से जुड़े मुद्दों पर आवाज़ उठानी शुरू कर दी थी, जिससे वे युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय होते चले गए।
राजनीति से पहले का जीवन
राजनीति में सक्रिय होने से पहले जयराम महतो एक सामान्य सामाजिक जीवन जीते थे। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में विद्यालयों में अध्यापन कार्य करते थे और शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा से जुड़े रहे।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से की थी। डुमरी के पूर्व विधायक स्वर्गीय जगरनाथ महतो से वे गहराई से प्रभावित थे और उन्हें अपना राजनीतिक आदर्श मानते थे।
लोकसभा चुनाव के दौरान जब स्व. जगरनाथ महतो JMM के उम्मीदवार थे, तब जयराम महतो ने उनके प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई थी। खुद जयराम महतो कई बार यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे जगरनाथ महतो के लिए लगातार जनसंपर्क और प्रचार कार्य करते थे।
झारखंड में भाषा आंदोलन से पहचान
झारखंड सरकार द्वारा बाहरी भाषाओं को परीक्षा में अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद राज्य में व्यापक असंतोष फैला। इसी भाषा विवाद के दौरान जयराम महतो खुलकर सामने आए और आंदोलन की अगुवाई की।
उन्होंने सरकार के फैसले का खुला विरोध किया और झारखंडी भाषाओं के समर्थन में जनआंदोलन खड़ा कर दिया। इस दौरान उनके भाषणों में हजारों की भीड़ जुटने लगी।
खास बात यह रही कि उन्होंने अपने अधिकांश भाषण खोरठा भाषा में दिए, जिससे आम जनता से उनका सीधा जुड़ाव बना और वे झारखंड के सबसे चर्चित युवा नेताओं में शामिल हो गए।
2024 लोकसभा चुनाव: निर्दलीय के रूप में मजबूत शुरुआत
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जयराम महतो ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। यह उनका पहला संसदीय चुनाव था।
चुनाव परिणाम में वे तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन 3,47,322 मत प्राप्त कर उन्होंने सभी को चौंका दिया।
- NDA उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी (आजसू) को 4,51,139 वोट
- INDIA गठबंधन के मथुरा प्रसाद महतो को 3,70,259 वोट
- जयराम महतो को 3,47,322 वोट मिले
हार के बावजूद जयराम महतो ने इसे जनता के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत बताया।
JLKM का गठन और नई राजनीति
लोकसभा चुनाव के बाद जयराम महतो ने पारंपरिक दलों से अलग हटकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) का गठन किया।
JLKM के प्रमुख उद्देश्य:
- स्थानीय युवाओं को राजनीतिक मंच देना
- झारखंडी भाषा, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा
- रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी
- शिक्षा और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता
2024 विधानसभा चुनाव: डुमरी से ऐतिहासिक जीत
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में जयराम महतो ने डुमरी और बेरमो—दो सीटों से चुनाव लड़ा।
बेरमो सीट पर उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) से 29,375 वोटों से हार मिली।
हालांकि डुमरी विधानसभा सीट से उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
डुमरी में उन्होंने झारखंड सरकार की मंत्री बेबी देवी (JMM) को करीब 10,945 मतों से पराजित किया। यह जीत झारखंड की युवा राजनीति के उभार का बड़ा संकेत मानी गई।
डुमरी सीट पर ‘गढ़’ का मिथक टूटा
डुमरी विधानसभा सीट लंबे समय तक JMM का मजबूत गढ़ रही थी। 2005 से 2019 तक लगातार चार चुनावों में स्व. जगरनाथ महतो ने यहां जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी बेबी देवी विजयी रहीं।
ऐसे में यह माना जा रहा था कि डुमरी सीट पर जगरनाथ महतो के परिवार से बाहर किसी की जीत संभव नहीं है। लेकिन जयराम महतो ने इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।
विधायक के रूप में अलग पहचान
विधायक बनने के बाद जयराम महतो ने अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई।
- विधानसभा में नंगे पैर प्रवेश, लोकतंत्र को “मंदिर” बताकर चर्चा में आए
- डुमरी क्षेत्र में दो विद्यालय भवनों का शिलान्यास
- विधायक वेतन का 75% छात्रों को पुरस्कार देने की घोषणा
- एक नर्सिंग छात्रा की निजी तौर पर फीस सहायता
मुखर राजनीति और बेबाक तेवर
जयराम महतो सत्ता और विपक्ष दोनों पर खुलकर बोलते हैं।
उन्होंने:
- भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति पर सवाल उठाए
- बोकारो के एक विधायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया
- बिना किसी राजनीतिक दबाव के मुद्दे उठाने की राजनीति अपनाई
युवा नेतृत्व की नई पहचान
आज जयराम कुमार महतो झारखंड के सबसे चर्चित युवा नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी राजनीति की पहचान है:
- सीधी और बेबाक भाषा
- युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं से सीधा संवाद
- स्थानीय मुद्दों को राज्य-स्तरीय बहस में लाना
डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो झारखंड की राजनीति में नई ऊर्जा, आक्रामकता और जन-केंद्रित सोच के प्रतीक बन चुके हैं। आने वाले वर्षों में राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका और प्रभाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
