रांची | रेल बजट 2026-27 में झारखंड को अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 7,536 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि 2009-14 के औसत आवंटन की तुलना में करीब 16 गुना अधिक बताई जा रही है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बजट बताया। उनका कहना है कि इससे राज्य में रेल कनेक्टिविटी, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।
राज्य में 63,470 करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर
झारखंड में वर्तमान में 63,470 करोड़ रुपये की लागत से कई रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें शामिल हैं:
- दो नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू होंगी, जिनमें एक धनबाद–कोयंबटूर के बीच चलेगी
- वर्ष 2014 के बाद झारखंड में 1,400 किमी नई रेल लाइन बिछाई गई
- राज्य का रेल नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत
- 486 फ्लाईओवर और अंडरपास तैयार
- अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 57 स्टेशन विकसित किए जाएंगे
रांची स्टेशन बनेगा देश का यूनिक स्टेशन
डीआरएम करणनिधि सिंह ने बताया कि रांची स्टेशन के साउथ साइड प्लेटफॉर्म का काम मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। स्टेशन को आधुनिक और यूनिक स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रमुख सुविधाएं
- 14,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक हजार कारों की पार्किंग
- सर्कुलेटिंग एरिया विकसित होगा, जिससे ओवरब्रिज से सीधा जुड़ाव
- नॉर्थ साइड में भी इसी तरह का सर्कुलेटिंग एरिया
- यात्रियों के आगमन-प्रस्थान की व्यवस्था एयरपोर्ट की तर्ज पर
- 36 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज, जो नॉर्थ और साउथ गेट को जोड़ेगा
अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार
रेल मंत्री ने बताया कि झारखंड से पहले से चार अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इस बजट में दो नई अमृत भारत ट्रेनों की सौगात दी गई है।
इनमें से एक ट्रेन धनबाद–कोयंबटूर के बीच जल्द शुरू होगी, जबकि दूसरी अमृत भारत ट्रेन की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
रेल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जो रेल परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा।
