रांची। टोटेमिक कुड़मी/कुर्मी विकास मोर्चा ने झारखंड सरकार से कुड़मी समाज की बाइसी प्रथा को पेसा कानून में शामिल करने की मांग तेज कर दी है। इस मुद्दे को लेकर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के जल्द केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने की तैयारी है।
केंद्रीय व जिला समिति की बैठक में हुआ निर्णय
टोटेमिक कुड़मी/कुर्मी विकास मोर्चा की केंद्रीय एवं जिला समिति की बैठक रांची में केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओढ़ार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समाज के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान कुड़मी समाज के संवैधानिक अधिकारों, परंपराओं और सामाजिक संरचना पर विस्तृत चर्चा हुई।
लंबे समय से अधिकारों के लिए संघर्ष
केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओढ़ार ने कहा कि कुड़मी समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके तहत धरना, प्रदर्शन, रैली, रेल रोको आंदोलन और संसद भवन का घेराव तक किया गया, लेकिन अब तक सरकार ने समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया।
बाइसी प्रथा कुड़मी समाज की ऐतिहासिक धरोहर
बैठक में कहा गया कि बाइसी प्रथा कुड़मी समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण जरूरी है। इसे पेसा कानून में शामिल करने से गांव स्तर पर स्वशासन, सामाजिक न्याय और परंपरागत व्यवस्था को कानूनी मान्यता मिलेगी।
कुरीतियों के खिलाफ भी सख्त रुख
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि दहेज प्रथा, नशाखोरी जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से समाप्त किया जाएगा। समाज की परंपराओं के नाम पर गलत गतिविधियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि जो लोग सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देंगे, उन्हें समाज से बहिष्कृत किया जाएगा।
गृह मंत्री से मुलाकात का समय तय
मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मिल चुका है। इस दौरान कुड़मी बाइसी प्रथा को पेसा कानून में शामिल करने समेत अन्य मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मोर्चा के महासचिव राजेंद्र महतो, कार्यकारी अध्यक्ष सच्चिदानंद महतो, शंभु महतो, कपिल देव महतो, संजय लाल महतो, सोम महतो, सुरनाथ महतो, मोहन महतो, दानी सिंह महतो, राशि रंजन महतो, ललित मोहन महतो, सोनालाल महतो, राजकुमार महतो, अशोक महतो, रामचंद्र महतो, चंदन महतो, प्रदीप महतो, अभय राम महतो, देवेंद्र महतो, रूपलाल महतो, श्रीपति महतो, बुद्धदेव महतो, दिनेश महतो, मंगलदेव महतो, किरण महतो, सावित्री महतो, बेबी महतो, उर्मिला महतो, अलका महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
