झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर स्थिति एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली है।
1 जनवरी 2025 से 28 नवंबर 2025 तक दर्ज हुए केसों के आधार पर पुलिस विभाग की रिपोर्ट बताती है कि राज्य में महिला उत्पीड़न के सबसे ज़्यादा मामले गिरिडीह जिले में दर्ज किए गए। इस सूची में रांची दूसरे और गढवा तीसरे स्थान पर है।
झारखंड में महिला उत्पीड़न के मामले बढ़े, गिरिडीह बना सबसे ज़्यादा केस वाला जिला — आधिकारिक रिपोर्ट जारी
रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में महिलाओं के खिलाफ होने वाले मामले एक साल में काफी बढ़े हैं। इसमें महिलाओं, बच्चियों और युवतियों से जुड़े सभी तरह के अपराध शामिल किए गए हैं।
से कार्रवाई कर रही है।
सबसे ज्यादा केस वाले जिले (क्रमानुसार)
- गिरिडीह – सबसे ज्यादा मामले
- रांची – दूसरा स्थान
- गढवा – तीसरा स्थान
- जमशेदपुर
- सिंदरी
- बोकारो
- धनबाद
- सरायकेला
- हजारीबाग
- चतरा
- रामगढ़
(बाकी जिलों में भी औसत केस दर्ज किए गए हैं)
पुलिस का कहना — “जागरूकता बढ़ने से शिकायतें बढ़ीं”
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराने में अधिक पहल दिखाई है।
जागरूकता अभियान, महिला हेल्पलाइन और सोशल मीडिया रिपोर्टिंग की वजह से भी शिकायतों की संख्या बढ़ी है।
अपराध के प्रकार
रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ इन प्रमुख अपराधों को शामिल किया गया है—
- दुष्कर्म
- छेड़छाड़
- घरेलू हिंसा
- नाबालिगों के साथ यौन अपराध
- साइबर उत्पीड़न
- पीछा करना (स्टॉकिंग)
- घर से भगाने/लुभाने के मामले
क्यों बढ़ रही हैं घटनाएँ?
पुलिस और विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई कारण हैं—
- महिलाओं में जागरूकता बढ़ना
- शिकायत दर्ज करने में आसानी
- ऑनलाइन उत्पीड़न के केस बढ़ना
- सामाजिक तनाव और पारिवारिक विवाद
- ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होना
सरकार क्या कर रही है?
- सभी जिलों में महिला हेल्पलाइन 181 सक्रिय
- महिला थाना और विशेष शाखा की टीमों को मजबूत किया जा रहा
- स्कूल–कॉलेज में जागरूकता कैम्प
- साइबर सेल को नई तकनीक दी गई
- घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित FIR की व्यवस्था
सरकार ने कहा है कि आने वाले महीनों में महिला सुरक्षा को लेकर और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
