Jharkhand: Petrol Pump की स्ट्रीट लाइट में पढ़ने वाले बच्चे एलेक्स को झारखंड सरकार की ओर से शिक्षा का आश्वासन

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रांची। रांची के सुकुरहुट्टू इलाके में पेट्रोल पंप की स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ाई करने वाले आठ वर्षीय एलेक्स मुंडा की तस्वीर जब 17 दिसंबर 2025 को सामने आई, तो इसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। एक मां, जो खुद थकी हुई आंखों के बावजूद अपने बेटे के भविष्य के लिए हर अंधेरे से लड़ रही है, वह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं थी, बल्कि झारखंड की सामाजिक हकीकत का आईना थी।

क्या है पूरा मामला

सुकुरहुट्टू, रिंग रोड क्षेत्र में रहने वाली नूतन टोप्पो अपने पति के निधन के बाद अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। घर में बिजली और पढ़ाई की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उनका बेटा एलेक्स हर रात पेट्रोल पंप की स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करता है। यह दृश्य स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के जरिए सामने आया।

17 दिसंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद क्या हुआ

खबर सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा, जहां प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर गया।
21 दिसंबर तक इस मामले में झारखंड सरकार और जिला प्रशासन की ओर से निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं—

DC Ranchi ने लिया संज्ञान

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Twitter(X) में DC Ranchi के द्वारा किया गया Post
  • जिला शिक्षा अधीक्षक (DEO) को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं
  • बच्चे की शिक्षा को लेकर हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी
  • पूरे मामले की प्रशासनिक समीक्षा की जा रही है

मुख्यमंत्री का सीधा हस्तक्षेप

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Twitter(X) में CM Hemant Soren के द्वारा किया गया Post

मुख्यमंत्री Hemant Soren ने DC Ranchi को निर्देश देते हुए कहा कि—
“एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाई जाए और आवश्यक कदम उठाकर सूचित किया जाए।”
यह स्पष्ट करता है कि सरकार ने मामले को केवल संवेदनात्मक मुद्दा मानकर नहीं छोड़ा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का निर्देश दिया।

परिवार से क्या वादा किया गया

अब तक सामने आई आधिकारिक जानकारी के अनुसार—

  • एलेक्स की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने का आश्वासन दिया गया है
  • जिला प्रशासन द्वारा स्कूलिंग और शैक्षणिक सहयोग पर काम शुरू किया गया है
  • यह भी कहा गया है कि आगे की जरूरतों के अनुसार सहायता सुनिश्चित की जाएगी

हालांकि, 22 दिसंबर तक किसी स्थायी व्यवस्था (जैसे आवास, स्थायी बिजली सुविधा या आर्थिक सहायता की लिखित घोषणा) की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

सबसे अहम सवाल

फिलहाल स्थिति यह है कि—

  • सरकार और प्रशासन ने संज्ञान लिया
  • जांच और सहायता के निर्देश दिए गए
  • लेकिन ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह लागू हुई स्थायी सुविधा पर आधिकारिक अपडेट अभी बाकी है

यह मामला अब सिर्फ भावनाओं का नहीं, निरंतर निगरानी और जवाबदेही का बन चुका है

यह कहानी क्यों जरूरी है

एलेक्स सिर्फ एक बच्चा नहीं है। वह उन हजारों बच्चों का प्रतिनिधि है, जिनके सपने बिजली, व्यवस्था और संसाधनों की कमी के अंधेरे में फंसे हुए हैं। सरकार का संज्ञान लेना एक जरूरी पहला कदम है, लेकिन असली परीक्षा इस बात की होगी कि यह मदद कितनी जल्दी और कितनी स्थायी बनती है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.