धनबाद ।
राज्य कर विभाग की जांच में धनबाद में बड़े जीएसटी घोटाले का खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि 10 फर्जी कंपनियां बनाकर करीब तीन करोड़ रुपये के जीएसटी की चोरी की गई।
ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर चल रही थीं,
इनके बताए गए पते पर न तो कोई दफ्तर मिला, न कोई व्यावसायिक गतिविधि।
स्टेट के आधार पर 56 कंपनियों की हुई जांच, 10 फर्जी मिलीं
राज्य कर विभाग ने स्टेट डेटा के आधार पर 56 कंपनियों की विस्तृत जांच शुरू की।
जांच टीम जब निर्धारित पते पर पहुंची,
तो 10 कंपनियां पूरी तरह फर्जी पाई गईं।
आईटीसी का गलत इस्तेमाल कर की गई चोरी
जांच में सामने आया कि
- फर्जी कंपनियों के जरिए
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत दावा किया गया
- ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से फर्जी लेन-देन दिखाया गया
इससे सरकार को करीब तीन करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
ई-वे बिल और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
अधिकारियों के अनुसार,
- ई-वे बिल,
- फर्जी चालान,
- कागजी लेन-देन
के जरिए बड़े पैमाने पर जीएसटी फ्रॉड किया गया।
वास्तविक व्यापार का कोई प्रमाण नहीं मिला।
फर्जी कंपनियों का मकसद केवल टैक्स चोरी
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि
इन फर्जी कंपनियों का एकमात्र उद्देश्य टैक्स चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाना था।
अब सख्त कार्रवाई की तैयारी
राज्य कर विभाग ने बताया कि
- सभी फर्जी कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है
- संबंधित संचालकों, निर्देशकों और लाभार्थियों की पहचान की जा रही है
- आगे रिकवरी और कानूनी कार्रवाई होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी चोरी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा।
