2026 झारखंड के लिए नई उम्मीदों का साल, कई बड़े योजनाओं की होंगी शुरुआत

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2026 झारखंड के लिए नई उम्मीदों का साल, कई बड़े योजनाओं की होंगी शुरुआत

रांची: साल 2026 झारखंड के लिए उम्मीदों और नई सौगातों का साल साबितहो सकता है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के माध्यम से ऐसी कई बड़ी योजनाएँ और परियोजनाएँ तय की हैं, जिनसे आम लोगों के जीवन में सीधे बदलाव आने की संभावना है। खासतौर पर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में विशेष पहल की जाएगी। सरकार की मंशा है कि इन पहलों के जरिए राज्य की जनता को सीधे लाभ मिले और उनका जीवनस्तर बेहतर हो।

14,503 पदों पर होगी नियुक्ति — युवाओं के लिए नए अवसर

2026 को राज्य सरकार ने “नियुक्तियों का वर्ष” घोषित किया है। विभिन्न विभागों में कुल 14,503 रिक्तियों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज़ गति से चल रही है। इनमें पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, तकनीकी विभाग और प्रशासनिक सेवाओं के पद शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन नियुक्तियों से राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और बेरोज़गारी की समस्या में कमी आएगी।

विशेष रूप से युवा वर्ग के लिए यह योजना अवसरों का बड़ा स्रोत साबित हो सकती है। इसके साथ ही, नियुक्तियों में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम तकनीक और ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया को अपनाया जाएगा।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन का लक्ष्य

राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास योजनाओं को और तेज़ करने का निर्णय लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक अधिकतर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो और हिंसा पर क़ाबू पाया जा सके।

इस दिशा में पुलिस बल की तैनाती, सड़क निर्माण, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार योजनाओं का क्रियान्वयन और सामाजिक विकास की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये योजनाएँ समय पर पूरी होती हैं, तो राज्य में नक्सलवाद धीरे-धीरे कम होगा और लोग सुरक्षित और समृद्ध जीवन जी सकेंगे।

गांवों को अधिक अधिकार — पैसा सीधे पंचायतों तक

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार पंचायतों को सीधी आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी। इसके लिए विशेष कानून और नियम लागू किए जाएंगे, ताकि पंचायतें अपने स्तर पर विकास की योजनाओं को क्रियान्वित कर सकें।

इस पहल से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचेगा। इसके साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में पंचायतों को निर्णय लेने की शक्ति मिलने से स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

राजधानी रांची में तीन नए फ्लाईओवर

रांची शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम को ध्यान में रखते हुए तीन नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। इन फ्लाईओवरों के बनने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा और शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी।

सरकार का दावा है कि फ्लाईओवर बन जाने के बाद लोगों का आवागमन तेज़ और सुरक्षित होगा। इसके साथ ही, शहर के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुँच आसान होगी, जिससे व्यापार और रोज़गार को भी बढ़ावा मिलेगा।

निकाय चुनाव के बाद शहरों में बदलाव की तैयारी

निकाय चुनावों के बाद नगर-निगम और नगर-परिषदों की कार्य प्रणाली में बदलाव किया जाएगा। इसमें शहरों में सफाई, जल-सप्लाई, सड़क-निर्माण, लाइटिंग और अन्य शहरी सुविधाओं में सुधार शामिल है।

विशेष रूप से, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत शहरों में तकनीकी सुधार, डिजिटल भुगतान, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि शहरों में रहने वाले लोगों को सुविधाजनक और व्यवस्थित जीवन मिल सके।

RIMS-2: को जल्द बनाने का लक्ष्य

बहुप्रतीक्षित RIMS-2 (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़-2) के निर्माण कार्य की शुरुआत 2026 में होगी। लगभग 1,074 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा यह आधुनिक अस्पताल, जिसमें सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

इस अस्पताल के बनने से मरीजों को राज्य के भीतर ही उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा मिलेगी और राज्य के बाहर इलाज के लिए जाने की आवश्यकता कम होगी। इसके साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में नई नौकरियों का सृजन भी होगा।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि RIMS के साथ संबद्ध मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नए मेडिकल कॉलेज खुलने से प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ेगी।

इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुँच भी बेहतर होगी। नई मेडिकल संस्थाएँ विशेषज्ञ प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगियों के लिए आधुनिक उपचार सुविधाएँ प्रदान करेंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं का विकास

राज्य सरकार ने नेत्र-चिकित्सा, कार्डियक-केयर और अन्य सुपर-स्पेशियलिटी विभागों के लिए नए संस्थानों के निर्माण की भी योजना बनाई है। इसका उद्देश्य है कि मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएँ राज्य के अंदर ही मिल सकें, जिससे समय, खर्च और परिश्रम की बचत होगी।

रोजगार, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सुरक्षा और शहरी विकास — ये सभी क्षेत्र 2026 में झारखंड के लिए बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। यदि ये योजनाएँ समय पर लागू होती हैं, तो राज्य के लोगों के जीवन-स्तर में स्पष्ट सुधार देखने को मिलेगा।

साल 2026 झारखंड के लिए “सौगातों और अवसरों का साल” बन सकता है, और सरकार की ये पहल राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में एक नई दिशा प्रदान करेगी।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.