नई दिल्ली ।
- वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ होगी मुख्य विषय
- ए.आर. रहमान होंगे संगीत निर्देशक
- वीवीआईपी की जगह अब भारतीय नदियों के नाम
- विदेशी मेहमान भी रहेंगे मौजूद
- कर्तव्य पथ पर होने वाला यह सांस्कृतिक प्रदर्शन न केवल भारत की विविधता को दर्शाएगा, बल्कि संगीत, नृत्य और परंपरा के माध्यम से देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त संदेश भी देगा।
77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर इस बार देश की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। भारत के विभिन्न लोक और शास्त्रीय नृत्य रूपों का प्रतिनिधित्व करते हुए करीब 2,500 कलाकार परेड में प्रस्तुति देंगे।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ होगी मुख्य विषय
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य विषय “वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ” रखा गया है। इसी थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रचना और प्रस्तुति की जा रही है।
ए.आर. रहमान होंगे संगीत निर्देशक
इस भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति के संगीत निर्देशक प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान होंगे।
रचनात्मक टीम में—
- गीतकार के रूप में सुभाष सहगल
- प्रस्तोता के रूप में अनुपम खेर
- कोरियोग्राफर के रूप में संतोष नायर शामिल हैं।
पूरे कार्यक्रम का निर्देशन और पर्यवेक्षण संध्या पुरचा करेंगी, जबकि डिज़ाइन और परिधान की जिम्मेदारी संध्या रमन संभालेंगी।
वीवीआईपी की जगह अब भारतीय नदियों के नाम
इस बार परेड स्थल पर एक अहम बदलाव किया गया है।
- परंपरागत रूप से इस्तेमाल होने वाले VVIP और अन्य श्रेणी नामों का उपयोग नहीं होगा
- इनके स्थान पर बैठने के सभी सेक्टरों के नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखे गए हैं
इसके अलावा, 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह में बैठने के स्थानों के नाम भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर होंगे।
विदेशी मेहमान भी रहेंगे मौजूद
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
