नई दिल्ली। हर मेजबान देश का सपना होता है कि वह अपने घर में विश्व कप जीते। घरेलू परिस्थितियों, पिच और दर्शकों का समर्थन होने के बावजूद T20 विश्व कप के इतिहास में अब तक कोई भी मेजबान टीम ट्रॉफी नहीं जीत सकी है।
अब 2026 T20 वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और श्रीलंका के पास है। ऐसे में दोनों टीमों के पास इतिहास बदलने का बड़ा मौका होगा।
अब तक मेजबानों का प्रदर्शन
2007 (दक्षिण अफ्रीका)
पहला T20 विश्व कप। मेजबान दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल तक पहुंचा, लेकिन खिताब भारत ने जीता।
2009 (इंग्लैंड)
दूसरा संस्करण इंग्लैंड में हुआ। इंग्लैंड सुपर-8 में बाहर हो गया। पाकिस्तान चैंपियन बना।
2010 (वेस्टइंडीज)
वेस्टइंडीज सुपर-8 में बाहर। इंग्लैंड पहली बार चैंपियन बना।
2012 (श्रीलंका)
श्रीलंका फाइनल तक पहुंचा, लेकिन वेस्टइंडीज से हार गया।
2014 (बांग्लादेश)
बांग्लादेश सुपर-10 से आगे नहीं बढ़ पाया। श्रीलंका ने खिताब जीता।
2016 (भारत)
भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गया। वेस्टइंडीज चैंपियन बना।
2021 (यूएई–ओमान)
कोविड के कारण आयोजन यूएई–ओमान में हुआ। मेजबान टीमें खिताब की दौड़ से बाहर रहीं। ऑस्ट्रेलिया विजेता बना।
2022 (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया अपने घर में खिताब बचाने में नाकाम रहा और सुपर-12 से आगे नहीं बढ़ सका। इंग्लैंड चैंपियन बना।
2024 (वेस्टइंडीज–यूएसए)
दोनों मेजबान खिताब नहीं जीत सके। भारत ने दूसरी बार T20 विश्व कप जीता।
भारत का विनिंग प्रतिशत बेहतर
T20 विश्व कप में भारत का रिकॉर्ड मजबूत रहा है:
- कई संस्करणों में नॉकआउट तक पहुंच
- दो बार चैंपियन (2007, 2024)
- बड़े टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन
वेस्टइंडीज का फाइनल रिकॉर्ड खास
वेस्टइंडीज उन टीमों में है जिसने फाइनल में पहुंचकर अक्सर खिताब जीता है।
- दो बार चैंपियन
- फाइनल में मजबूत जीत का रिकॉर्ड
इसके विपरीत पाकिस्तान और श्रीलंका कई बार फाइनल हार चुके हैं।
2026 में क्या बदलेगा इतिहास?
2026 में भारत और श्रीलंका संयुक्त मेजबान होंगे।
- दोनों उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों से परिचित
- मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप
- स्पिन फ्रेंडली पिचों का फायदा
अगर इनमें से कोई टीम खिताब जीतती है, तो पहली बार मेजबान देश T20 विश्व कप ट्रॉफी उठाएगा।
