झारखंड और बिहार के बीच सीमा से लगे साहिबगंज–कटिहार क्षेत्र में सीमांकन को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। अधिकारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, सर्वे प्रक्रिया रुकी, और दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ा। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों जिलों के प्रशासन ने संयुक्त रूप से सीमांकन प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन दूसरे ही दिन विवाद खड़ा हो गया।
सीमांकन की शुरुआत, फिर अचानक विवाद
पहले दिन दोनों ओर के अंचल अधिकारियों की बैठक हुई थी जिसमें मौजा और नक्शों के आधार पर सीमांकन की दिशा तय की गई।
अगले दिन संयुक्त टीम मौके पर मौजूद थी, लेकिन तभी झारखंड प्रशासन ने आरोप लगाया कि बिहार की मनिहारी टीम बिना सहमति के झारखंड की सीमा में प्रवेश कर सीमांकन आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद बढ़ गया।
झारखंड का आरोप – “मनमाने ढंग से सीमा बदलने की कोशिश”
झारखंड अधिकारियों का कहना है कि:
- बिहार की टीम केवल मनिहारी मौजा के रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही थी
- संयुक्त सहमति और तीनों मौजाओं का संयुक्त रिकॉर्ड देखे बिना सीमांकन नहीं किया जा सकता
- टीम की यह कार्रवाई प्रक्रिया के खिलाफ है
झारखंड टीम दूसरे दिन मौके पर मौजूद रही, लेकिन बिहार की टीम नहीं पहुंची।
बिहार का पक्ष – “हम रिकॉर्ड के आधार पर काम कर रहे”
बिहार अधिकारियों ने कहा है कि:
- वे केवल हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार मौजूदा रिकॉर्ड देखकर सीमांकन कर रहे हैं
- झारखंड का आरोप निराधार है
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद सर्वे की प्रक्रिया रोक दी गई।
तनाव बढ़ा, ग्रामीणों में भी नाराजगी
सीमांकन विवाद के कारण सीमा क्षेत्र में:
- ग्रामीणों की भूमि कई हिस्सों में फंस गई
- लोग अनिश्चितता में हैं
- दोनों राज्यों की टीमें एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं
स्थिति तनावपूर्ण हो गई है और प्रशासन स्थिति पर निगरानी रखे हुए है।
