Rims Ranchi land encroachment : बिल्डर और सरकारी तंत्र ने हर स्तर पर नियम तोड़े, दस्तावेजों से बड़ा खुलासा

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Rims Ranchi (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) की जमीन पर हुए अतिक्रमण मामले में अब परत-दर-परत चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में केवल बिल्डर ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के कई स्तरों पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।

Rims की जमीन पर अवैध निर्माण, प्रशासन की लापरवाही उजागर

Rims की खाता संख्या-107 की जमीन पर नियमों को दरकिनार कर अपार्टमेंट का निर्माण किया गया। इस जमीन पर न तो विधिवत स्वामित्व स्पष्ट था और न ही सरकारी नियमों के अनुसार निर्माण की अनुमति ली गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और लंबे समय तक जिम्मेदार एजेंसियां चुप्पी साधे रहीं।


नगर निगम से लेकर बैंक तक प्रक्रिया में खामियां

जांच में यह भी सामने आया है कि नगर निगम द्वारा जारी किए गए बिल्डिंग परमिट और स्वीकृति पत्रों में कई गंभीर खामियां थीं। बिना जमीन के वैध दस्तावेजों की पूर्ण जांच किए ही अनुमति दे दी गई।
इतना ही नहीं, बैंकों ने भी बिना पूरी वैधानिक जांच के फ्लैट खरीदारों को लोन स्वीकृत कर दिया, जिससे यह मामला और जटिल हो गया।


पांच अहम सवाल जिनके जवाब अब भी बाकी

  1. जब जमीन का स्वामित्व विवादित था, तो निर्माण की अनुमति कैसे दी गई?
  2. नगर निगम ने नियमों के अनुसार स्थल निरीक्षण क्यों नहीं किया?
  3. बैंकों ने बिना स्पष्ट टाइटल के होम लोन कैसे पास किया?
  4. रजिस्ट्रेशन के समय दस्तावेजों की गहन जांच क्यों नहीं हुई?
  5. इतने बड़े निर्माण के बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?

दस्तावेजों से सामने आई पूरी प्रक्रिया की सच्चाई

रिकॉर्ड बताते हैं कि जमीन की डीड में कई अहम जानकारियां अधूरी थीं। इसके बावजूद उसे न तो सरकारी भूमि माना गया और न ही स्पष्ट रूप से निजी भूमि घोषित किया गया। इसी अस्पष्टता का फायदा उठाकर बिल्डर ने निर्माण कार्य पूरा कर लिया।


प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर खड़ा हो रहा है। नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। अब जब मामला उजागर हुआ है, तो कार्रवाई की बात की जा रही है।


आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में सरकारी जमीनों पर ऐसे अतिक्रमण के मामले और बढ़ सकते हैं। Rims जैसी संवेदनशील संस्थान की जमीन पर हुआ यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.