चारा घोटाले में अब संपत्ति रिकवर करने की तैयारी, सुनवाई शुरू

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रांची : बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े 28 साल पुराने मामलों में अब एक बार फिर अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की रिकवरी की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस दिशा में 11 रिवोकेशन केस की सुनवाई शुरू हो चुकी है

पूर्व में ये सभी मामले पटना स्थित सीबीआई कोर्ट में लंबित थे। लंबे समय से लंबित मामलों को पटना हाईकोर्ट से हटाकर आगे की सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट भेजा गया था। झारखंड हाईकोर्ट ने इन सभी मामलों को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके तिवारी की अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिया है।

दिसंबर में दोबारा बेची गई रिवोकेशन संख्या

दिसंबर महीने में सभी मामलों पर नए सिरे से रिवोकेशन संख्या बेची गई
इन मामलों की पहली सुनवाई के बाद अदालत ने दूसरे पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है

सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक कर रहे पैरवी

इन मामलों में सीबीआई की ओर से वरिष्ठ विशेष लोक अभियोजक एसके श्रीवास्तव ‘राजन’ पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई

  • चाईबासा,
  • गोड्डा,
  • हजारीबाग और
  • साहिबगंज कोषागार

से जुड़ी अवैध निकासी के मामलों से संबंधित है।

सीबीआई का दावा है कि इन कोषागार घोटालों में दोषी ठहराए गए या आरोपी व्यक्तियों ने अपराध से अर्जित संपत्तियां अपने या अपने परिजनों (कानूनी वारिसों) के नाम पर अब तक रखी हुई हैं, जिन्हें अब रिकवर किया जाएगा

इन नामों पर शिकंजा कसने की तैयारी

सीबीआई ने जिन प्रमुख नामों पर शिकंजा कसने की बात कही है, उनमें

  • पूर्व सांसद जगदीश शर्मा,
  • डॉ. आरके राणा (दोनों मृत),
  • त्रिपुरारी मोहन प्रसाद

समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी जीवित नहीं हैं, तो उनके कानूनी वारिसों से संपत्ति रिकवर की जाएगी। इसके लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हाईकोर्ट के आदेश पर रांची में शुरू हुई सुनवाई

रिवोकेशन केस पहले पटना में लंबित थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर रांची में सुनवाई शुरू हो गई है
चाईबासा, गोड्डा, हजारीबाग और साहिबगंज कोषागार से अवैध निकासी के मामलों में चिह्नित आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज है।

मामलों में यदि आरोपी जीवित नहीं हैं, तो उनके कानूनी वारिसों से संपत्ति रिकवर की जाएगी। इस संबंध में नोटिस भेजे जा रहे हैं।

एसके श्रीवास्तव ‘राजन’, वरिष्ठ लोक अभियोजक (सीबीआई)

अब अधिकारियों से भी होगी अवैध संपत्ति की वसूली

सीबीआई के अनुसार, संबंधित आरोपियों के उत्तराधिकारियों से भी अवैध संपत्तियों की वसूली की जाएगी
पहले विभिन्न कानूनी अड़चनों के कारण रिवोकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, लेकिन अब सभी तथ्य और दस्तावेजों के साथ मामलों को आगे बढ़ाया गया है

कानूनी जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई चारा घोटाले के इतिहास में एक नया मोड़ साबित हो सकती है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.