रांची- JSSC CGL परीक्षा 2023 से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में न केवल याचिकाकर्ताओं ने बल्कि सफल अभ्यर्थियों ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है, ताकि किसी भी आदेश से पहले उनका पक्ष सुना जा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को इस मामले में फैसला सुनाते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को CGL-2023 का परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने यह भी कहा था कि परीक्षा से जुड़े पेपर लीक आरोपों की SIT जांच जारी रहेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद JSSC ने CGL-2023 का रिजल्ट जारी कर दिया, जिसमें 1932 अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों के लिए सफल घोषित किया गया। हालांकि, इस फैसले से असंतुष्ट कुछ याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।
वहीं दूसरी ओर, सफल अभ्यर्थियों दीपक उरांव, सरदाकांत सिंह समेत अन्य ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है। उनका कहना है कि यदि इस मामले में कोई भी आदेश पारित किया जाता है, तो उससे पहले उनका पक्ष सुना जाना चाहिए।
गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया था कि सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक हुआ है और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। इसी आधार पर परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने से इनकार करते हुए एसआईटी जांच को पर्याप्त माना था।
अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की नजर है और आने वाले दिनों में इस पर अहम सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।