रांची
झारखंड में Renewable Energy और Rural Development को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य के हर जिले में एक-एक ‘Model Solar Village’ विकसित किया जाएगा, जिससे गांवों को Self-Reliant Energy System से जोड़ा जा सके।
- प्रतियोगिता के जरिए होगा गांवों का चयन
- हर Model Solar Village को मिलेगा ₹1 करोड़ तक का अनुदान
- Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) निभाएगी अहम भूमिका
- 13 जिलों के 130 गांव प्रतियोगिता में शामिल
- ग्रामीणों को क्या-क्या मिलेगा फायदा?
- पहले क्या स्थिति थी और अब क्या बदलेगा?
- यह मॉडल Germany, Netherlands और Nordic Countries में लागू Community Solar Village Models से प्रेरित है, जहां गांव अपनी ऊर्जा खुद पैदा करते हैं।
यह योजना PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana और राज्य सरकार की Solar Energy Policy के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में Clean Energy, 24×7 Electricity, और Sustainable Development को बढ़ावा देना है।
प्रतियोगिता के जरिए होगा गांवों का चयन
राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि Model Solar Village का चयन सीधे नहीं, बल्कि Challenge Mode Competition के जरिए किया जाएगा।
- प्रत्येक जिले से 10 गांव इस प्रतियोगिता में शामिल होंगे
- कुल 13 जिलों के 130 गांव पहले चरण में चयन प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं
- प्रतियोगिता की अवधि 6 महीने की होगी
- जिन गांवों में सबसे अधिक Solar Capacity Installed होगी, उन्हें विजेता घोषित किया जाएगा
Population Criteria
- जिन गांवों की आबादी 5000 से अधिक है, वे स्वतः पात्र होंगे
- जिन जिलों में ऐसे गांव नहीं हैं, वहां सबसे अधिक आबादी वाले गांव को शामिल किया जाएगा
हर Model Solar Village को मिलेगा ₹1 करोड़ तक का अनुदान
सरकार ने प्रत्येक जिले के चयनित Model Solar Village के लिए ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता (Financial Grant) देने का प्रावधान किया है।
इस राशि का उपयोग किया जाएगा:
- Rooftop Solar Installation
- Solar Street Lights
- Solar Water Pumps
- Community Solar Power Plant
- Solar-powered Public Buildings (Schools, Health Centres, Panchayat Bhawan)
इस योजना के तहत गांव की पूरी बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने का लक्ष्य है।
Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) निभाएगी अहम भूमिका
इस योजना का Implementation और Monitoring झारखंड सरकार की नोडल एजेंसी
Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) करेगी।
JREDA:
- तकनीकी सहायता देगी
- Solar Vendors और System Integrators का चयन करेगी
- Installation, Maintenance और Performance Tracking सुनिश्चित करेगी
इसके साथ ही Self Help Groups (SHGs), पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय युवाओं को भी योजना से जोड़ा जाएगा।
13 जिलों के 130 गांव प्रतियोगिता में शामिल
“Solar Model Village योजना के तहत 13 जिलों के 130 गांवों को प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया है, जिनकी सूची नीचे दी गई है:”
| क्रम | जिला (District) | प्रतियोगिता में शामिल गांव |
|---|---|---|
| 1 | पलामू (Palamu) | मोहसीन नगर, चियांकी, डाली, कुटुम, पांकी, सुआ, मसीहानी व छाती सतबरवा. |
| 2 | गुमला (Gumla) | पुग्गु, फसिया, घाघरा, देवकी, चैनपुर, पालकोट, नावागढ़, भरनो, सिसई, नगर, बड़गांव. |
| 3 | रांची (Ranchi) | बुकाबुका, राय, बेड़ो, कांके, अरसंडे, नेवरी, डुमरदगा, बड़गांव, लांडुपडीह व तमाड़ वेस्ट. |
| 4 | गिरिडीह (Giridih) | अहिल्यापुर, महुआर, बैरिया, रंगामाटी व बागोडीह |
| 5 | जामताड़ा (Jamtara) | करमाटांड़, चंगियाडीह, फतेहरपुर, बोरवा, सुदराक्षीपुर, जियाजोरी, मंझलाडीह, गेरिया, नारायणपुर व अंबा. |
| 6 | पूर्वी सिंहभूम (East Singhbhum) | पारुलिया, कोकपाड़ा नरसिंहगढ़, बड़ाजुरी, हरटोपा, मानुषमुरिया, कालिकापुर, दोहनी, बारा बंगुरदा, बोराम, बिर्रा. |
| 7 | कोडरमा (Koderma) | उरावां, गंजनडीह, मसनोडीह, तेहरो व तेलोडीह. |
| 8 | पाकुड़ (Pakur) | झिकारहटी, पृथ्वीनगर, इलामी, गंधायपुर, मनिरामपुर, नवादा, सीतापहाड़, जयकिस्टोपुर, महेशपुर, इशाकापुर. |
| 9 | गढ़वा (Garhwa) | अरसली, मकरी, मंझगांव, रमना, खरौंधी, रंकाकला, खाला, गरबंध, कल्याणपुर, काथरकला |
| 10 | साहिबगंज (Sahibganj) | गंगा पर्षद, मखमलपुर, हाजीपुर, समसपुर, लखीपुर सजनपुर, जामनगर, नाराणपुर दियारा, दाहू टोला, जोंका, सरफराजगंज, बेगमगंज, राधानगर, उधवा दियारा, पलासगाछी दियारा, पियारपुर दियारा, अमानत दियारा, प्राणपुर, श्रीघर, पलासबना व मिर्जापुर. |
| 11 | दुमका (Dumka) | पुराना दुमका, रसिकपुर, दुधानी, नोनीहाट, आसनबानी, हंसडीहा, मंडलडीह, बरियारा, नावाडीह, बंडारजोरी. |
| 12 | चतरा (Chatra) | जोरी उला, इटखोरी, गिद्धौर, दुआरी, एडला, सराडू, टंडवा, राहम, तनराव व घोड़ीघाट. |
| 13 | सरायकेला-खरसावां (Seraikela-Kharsawan) | खरसावां, विरासीसिरम, जगनाथपुर, टिकर, रुचाप, चौड़ा, बड़ेड़ा, कमालपुर, अरवां व राजनगर. |
ग्रामीणों को क्या-क्या मिलेगा फायदा?
इस योजना से ग्रामीण इलाकों को मिलेंगे कई Long-Term Benefits:
- 24×7 Uninterrupted Power Supply
- बिजली बिल में बड़ी बचत
- Solar-based Employment Opportunities
- Health Centres और Schools में बेहतर सेवाएं
- पर्यावरण संरक्षण (Low Carbon Footprint)
- गांवों का Model Village के रूप में विकास
पहले क्या स्थिति थी और अब क्या बदलेगा?
अब तक झारखंड के कई ग्रामीण इलाकों में:
- अनियमित बिजली आपूर्ति
- डीज़ल जनरेटर पर निर्भरता
- ऊंचा बिजली खर्च
लेकिन Model Solar Village Project के बाद:
- गांव Energy Self-Sufficient बनेंगे
- सरकार का बिजली सब्सिडी बोझ घटेगा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
यह मॉडल Germany, Netherlands और Nordic Countries में लागू Community Solar Village Models से प्रेरित है, जहां गांव अपनी ऊर्जा खुद पैदा करते हैं।
झारखंड सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य को India’s Leading Renewable Energy State बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
