रांची। लंबित पड़े नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड में तैयारियां अब तेज़ हो गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी जिलों में नगर निकाय चुनाव के निर्वाचक व्यवस्था तंत्र को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
SDO को मिला बड़ा दायित्व, BDO–CO होंगे सहायक अधिकारी
चुनाव आयोग के ताज़ा आदेश के अनुसार—
- अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को
निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है। - प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
और अंचल अधिकारी (CO) को
सहायक निर्वाची पदाधिकारी के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है।
इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर
अधिसूचनाएं, जिम्मेदारियों का बंटवारा और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बैलेट पेपर से होगा मतदान
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि—
नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे।
मेयर, उप-मेयर और वार्ड सदस्यों के लिए
अलग-अलग बैलेट पेपर होंगे, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
वार्ड आरक्षण
सभी जिलों ने अपने-अपने नगर निकायों में—
- अनुसूचित जाति
- अनुसूचित जनजाति
- पिछड़ा वर्ग
- और महिलाओं
के लिए वार्ड-वार आरक्षण सूची तैयार कर ली है।
अब मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पदों के आरक्षण की
प्रक्रिया राज्य स्तर पर अंतिम रूप ले रही है।
फरवरी–मार्च में हो सकते हैं चुनाव
सूत्रों के अनुसार,
यदि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो जाती हैं,
तो फरवरी–मार्च 2026 के बीच
नगर निकाय चुनाव की तिथि घोषित की जा सकती है।
मतगणना केंद्र और प्रशिक्षण की तैयारी
निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है—
- मतगणना केंद्रों की पहचान
- स्ट्रॉन्ग रूम की व्यवस्था
- चुनावकर्मियों का प्रशिक्षण
समय पर पूरा किया जाए।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।
अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय हो चुकी हैं और प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं।
अब आरक्षण सूची और आधिकारिक अधिसूचना के बाद
मतदान की तारीख तय की जाएगी।
