रांची |
- Ward Reservation और Gazette Publication पहले ही पूरे
- Notification के साथ लागू होगी Model Code of Conduct
- 48 नगर निकायों में प्रस्तावित हैं चुनाव
- Election Announcement से बढ़ेगा राजनीतिक उत्साह
- नगर निकाय चुनाव को राज्य में local governance और urban development की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही झारखंड का शहरी राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह चुनावी रंग में रंग जाएगा।
झारखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित Municipal Election 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में Urban Local Body Election की अधिसूचना इस सप्ताह जारी की जा सकती है। इसके साथ ही नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
State Election Commission ने चुनाव से जुड़ी लगभग सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब केवल चुनाव तिथियों की घोषणा शेष रह गई है।
Ward Reservation और Gazette Publication पहले ही पूरे
आयोग की ओर से पहले ही नगर निकायों में ward reservation से संबंधित अधिसूचना जारी की जा चुकी है। साथ ही gazette publication process भी पूरी कर ली गई है, जिससे चुनाव की कानूनी प्रक्रिया को लेकर कोई बाधा शेष नहीं है।
अब अधिसूचना जारी होते ही nomination process शुरू हो जाएगा।
Notification के साथ लागू होगी Model Code of Conduct
जैसे ही चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, पूरे राज्य में Model Code of Conduct प्रभावी हो जाएगी। इसके लागू होते ही:
- सरकारी घोषणाओं पर रोक लगेगी
- प्रशासनिक तबादलों पर नियंत्रण होगा
- राजनीतिक गतिविधियां चुनावी दायरे में आ जाएंगी
आयोग ने सभी जिलों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
48 नगर निकायों में प्रस्तावित हैं चुनाव
झारखंड में कुल 48 Urban Local Bodies में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 9 Municipal Corporation
- 20 Municipal Council
- 19 Nagar Panchayat
इन सभी निकायों में जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त हो चुके हैं, जिसके कारण चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
Election Announcement से बढ़ेगा राजनीतिक उत्साह
चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आनी तय मानी जा रही है। राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
स्थानीय स्तर पर development, basic amenities और civic services जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे।
