4 साल से झारखंड में लोकायुक्त नियुक्ति नहीं, 3256 से अधिक भ्रष्टाचार मामलों की फ़ाइलें अटकीं

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झारखंड में पिछले 4 साल से लोकायुक्त का पद खाली है। 3256 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, कार्रवाई रुक गई है। लोग पारदर्शी शासन और तेज़ नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

झारखंड में शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार नियंत्रण की एक अहम संस्था — लोकायुक्त (Lokayukta) — पिछले 4 वर्षों से पद खाली होने के कारण लगभग निष्क्रिय स्थिति में है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 3256 से अधिक शिकायतें अभी तक लंबित हैं, जिनमें से कई मामलों की कार्रवाई न के बराबर है। राज्य के प्रशासनिक तंत्र में यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है।


लोकायुक्त क्यों अहम संस्था है?

लोकायुक्त का काम होता है —
✔ सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, सार्वजनिक पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करना
✔ जनहित याचिकाओं और शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेना
✔ सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना

लेकिन झारखंड में 2021 से अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे हजारों शिकायतें “फाइलों में बंद” हैं।


क्या असर पड़ा है?

  • 3256 से ज़्यादा शिकायतें बिना निर्णय के लंबित
  • 2000 से अधिक मामले सिर्फ प्रारंभिक जांच में अटके
  • कई शिकायतकर्ताओं के बयान तक दर्ज नहीं किए गए
  • भ्रष्टाचार और घूसखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई ठप

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति राज्य की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है।


क्यों हो रही देरी?

कुछ प्रमुख कारण —

  • चयन समिति (मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट जज, विधानसभा अध्यक्ष) की बैठक नहीं हुई
  • संभावित उम्मीदवारों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई
  • राज्य सरकार अन्य प्रशासनिक पदों पर ध्यान केंद्रित कर रही है
  • कानूनी प्रक्रिया को अपडेट करने की भी जरूरत बताई जा रही है

जनता और सामाजिक संगठनों की मांग

सामाजिक संस्थाओं, वकील संघों और RTI कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की है —
✔ जल्द से जल्द लोकायुक्त की नियुक्ति की जाए
✔ लंबित मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक सुनवाई व्यवस्था बने
✔ लोकायुक्त कार्यालय को स्वतंत्र बजट और टीम दी जाए


आगे की संभावनाएँ

सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार जल्द ही चयन समिति की बैठक बुला सकती है। अगर नामों पर सहमति बनती है तो 2025 की पहली तिमाही में नए लोकायुक्त की नियुक्ति संभव है।


लोकायुक्त का पद भरना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा सवाल है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.