झारखंड सरकार ने झारखंड मिलेट मिशन 2025-26 के तहत राज्य के 32,911 किसानों के बैंक खातों में कुल 15 करोड़ 63 लाख 24 हजार 900 रुपये की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को राजधानी रांची स्थित पशुपालन निदेशालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभुक किसानों को यह राशि प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि झारखंड मिलेट मिशन का नाम अब बदलकर “झारखंड मड़ुआ क्रांति” रखा जाएगा।
मड़ुआ उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार का फोकस
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह फैसला गांव-देहात में मड़ुआ के उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजना का लाभ ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचे। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 60 हजार किसानों को मोटे अनाज की खेती से जोड़ने का है।
तीन जिलों में खुलेंगे अधिप्राप्ति केंद्र
कार्यक्रम में बताया गया कि धान अधिप्राप्ति केंद्र की तर्ज पर राज्य में मड़ुआ अधिप्राप्ति केंद्र भी खोले जाएंगे। पहले चरण में गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिलों को चिन्हित किया गया है। इन जिलों में कुल 17 लैम्प्स और पैक्स के माध्यम से किसानों से मड़ुआ की अधिप्राप्ति की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह में किसानों को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। मड़ुआ का दर बाजार दर के अनुरूप तय किया जाएगा।
प्रोसेसिंग और बाजार से जोड़ने की योजना
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मड़ुआ का उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर मड़ुआ से जुड़े उत्पाद तैयार करना भी है, ताकि किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।
गलत आंकड़े देने पर होगी कार्रवाई
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में ईमानदारी से काम करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि गलत आंकड़े देने की शिकायतें सरकार तक पहुंची हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि गलत आंकड़े पाए गए, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में दुमका, रांची और खूंटी के किसान शामिल हुए। मंच पर दुमका के किशोर कुमार साहनी और खूंटी के विनोद कुमार मड़ुआ की खेती से हो रहे लाभ को किसानों के बीच साझा किया। कार्यक्रम में कृषि निदेशक शौर्य सिंह यादव, संयुक्त निदेशक विकास कुमार, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक शशि भूषण अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
