JBVNL ने बिजली बिल में 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया, उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ

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झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य के बिजली नियामक आयोग JERC को नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिजली रेट में 30% से 60% तक बढ़ोतरी की मांग की गई है।

झारखंड में बिजली महंगी होने की तैयारी: JBVNL ने 60% तक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा

यह प्रस्ताव 2025–26 वित्तीय वर्ष के लिए दाखिल किया गया है।
अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो झारखंड में बिजली की कीमतें पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे अधिक हो जाएंगी।

क्यों बढ़ाना चाह रहा है JBVNL बिजली दर?

JBVNL के अनुसार बिजली की लागत लगातार बढ़ रही है:

  • कोयले का दाम बढ़ा
  • बिजली उत्पादन की लागत बढ़ी
  • ट्रांसमिशन और वितरण लॉस अधिक
  • पुरानी लाइनों की मरम्मत पर ज्यादा खर्च
  • निजी कंपनियों से बिजली खरीद महंगी

कंपनी का कहना है कि घाटा कम करने और बेहतर सेवा देने के लिए टैरिफ बढ़ाना जरूरी है।


किस श्रेणी के उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?

प्रस्ताव के अनुसार:

1️⃣ घरेलू उपभोक्ता (Domestic Consumers)

  • यूनिट चार्ज बढ़ सकता है
  • फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ेगा
  • औसत 22–35% तक बिल बढ़ने की आशंका

2️⃣ व्यावसायिक (Commercial) उपभोक्ता

  • 30% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
  • छोटे दुकानदारों पर असर

3️⃣ औद्योगिक उपभोक्ता

  • 40–60% तक टैरिफ बढ़ाने का सुझाव
  • उद्योग जगत ने चिंता जताई है

पिछले साल भी बढ़ा था बिजली का दाम

पिछले वर्ष भी बिजली टैरिफ में 7–10% की बढ़ोतरी हुई थी।
राज्य के उपभोक्ता पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।
इस नई बढ़ोतरी के बाद झारखंड देश के महंगे बिजली दर वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।


उपभोक्ताओं और विपक्ष का क्या कहना है?

उपभोक्ता संगठनों और विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
लोगों का कहना है कि—

  • महंगाई पहले से बढ़ी है
  • मजदूरी और आय बढ़ नहीं रही
  • बिजली महंगी करना आम जनता पर बोझ है

उद्योग संगठन भी चिंतित हैं कि इससे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ेगी और रोजगार पर असर पड़ेगा।


JERC कब लेगा फैसला?

  • प्रस्ताव अभी सार्वजनिक आपत्ति और सुझाव के लिए खुला है
  • सुनवाई के बाद JERC अंतिम फैसला लेगा
  • मंजूरी मिलते ही नए टैरिफ लागू हो जाएंगे

संभावना है कि नया टैरिफ अगले वित्तीय वर्ष से लागू हो सकता है।


निष्कर्ष

अगर JERC इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो झारखंड में बिजली बिल 30–60% तक बढ़ जाएगा।
इससे लाखों घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
अब सबकी नजर JERC की अंतिम सुनवाई पर है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.