गिरिडीह |
क्या अब राशन लेने के लिए लाइन में खड़े रहना नहीं पड़ेगा?
क्या नेटवर्क फेल होने से राशन रुकने की समस्या खत्म होगी?
क्या डीलरों और लाभुकों—दोनों को राहत मिलेगी?
इन सभी सवालों के बीच गिरिडीह जिले में राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 4G आधारित नई ई-पॉस मशीनें दी जा रही हैं।
अब तक क्या दिक्कत थी?
अब तक जिले में 2G ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण हो रहा था।
इससे बार-बार सवाल उठते थे—
- नेटवर्क स्लो क्यों रहता है?
- मशीन क्यों फेल हो जाती है?
- लाभुकों को घंटों इंतजार क्यों करना पड़ता है?
कमजोर नेटवर्क के कारण राशन वितरण अक्सर बाधित हो जाता था।
4G ई-पॉस मशीन से क्या बदलेगा?
नई 4G ई-पॉस मशीनों से—
- ट्रांजैक्शन तेज होगा
- नेटवर्क की समस्या कम होगी
- वितरण ज्यादा पारदर्शी बनेगा
इन मशीनों में—
- आधार आधारित प्रमाणीकरण
- रियल-टाइम डेटा अपलोड
- स्टॉक की लाइव निगरानी
जैसी सुविधाएं होंगी।
क्या बिना नेटवर्क भी राशन मिलेगा?
यह सबसे अहम सवाल है।
प्रशासन के अनुसार,
नई 4G ई-पॉस मशीनें ऑफलाइन मोड में भी काम करेंगी।
नेटवर्क आने पर डेटा अपने-आप अपडेट हो जाएगा।
कितनी मशीनें मिलेंगी?
- जिले में कुल 2134 राशन डीलर हैं
- सभी को चरणबद्ध तरीके से 4G ई-पॉस मशीनें दी जा रही हैं
पहले चरण में कई डीलरों को मशीनें मिल चुकी हैं।
प्रशासन का क्या कहना है?
जिला आपूर्ति विभाग का कहना है कि—
- लाभुकों को नेटवर्क की परेशानी से राहत मिलेगी
- विभाग को रियल-टाइम निगरानी में मदद मिलेगी
- गड़बड़ी और शिकायतें कम होंगी
अब असली सवाल
- क्या अब राशन समय पर मिलेगा?
- क्या डीलरों की परेशानी खत्म होगी?
- क्या सिस्टम वाकई पारदर्शी बनेगा?
प्रशासन का दावा है कि 4G ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर होगी।
