गिरिडीह।
CCL गिरिडीह कोलियरी में कोयला और लोहे की तस्करी लगातार बड़ी समस्या बनी हुई है। कोयला माफियाओं द्वारा अवैध खनन और चोरी की घटनाएँ इतनी बढ़ गई हैं कि कई बार सुरक्षा कर्मियों पर भी हमला किया जा चुका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के अंधेरे में ट्रैक्टर, बाइक और छोटे वाहनों से चोरी का कोयला बाहर ले जाया जाता है। वहीं, कुछ असामाजिक तत्व खदान के आसपास अवैध तरीके से खनन भी कर रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सुरक्षा गार्डों ने बताया कि तस्कर अक्सर हथियारबंद रहते हैं। विरोध करने पर उन पर हमला कर देते हैं। कई बार घटना की शिकायत पुलिस और प्रशासन से की गई, लेकिन स्थितियों में बड़ा बदलाव नहीं दिखा।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन अगर मिलकर सख्त कार्रवाई करे, तो इस अवैध गतिविधि पर रोक लग सकती है।
अवैध खनन से बड़ा खतरा
रिपोर्ट बताती है कि इलाके में कई जगहों पर अवैध खनन जारी है, जहाँ सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होता।
ऐसी जगहों पर जमीन धंसने, दुर्घटना होने और मजदूरों की जान जाने का खतरा लगातार बना रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने, छोड़े गए खदान क्षेत्रों में बिना तकनीकी जांच के अवैध उत्खनन किया जा रहा है — जो किसी भी दिन बड़े हादसे को दावत दे सकता है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
कोलियरी प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पुलिस से गुहार लगाई है कि—
- खदान क्षेत्र में रात गश्ती बढ़ाई जाए
- अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए
- सुरक्षित खनन और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए
- अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
- पुलिस और कोलियरी प्रबंधन संयुक्त अभियान चलाएँ
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
