प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध कोयला खनन, चोरी, परिवहन, भंडारण और बिक्री से जुड़े मामलों तथा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत शुक्रवार को झारखंड के धनबाद और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह छह बजे शुरू हुई और देर रात तक जारी रही। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
धनबाद में डेको आउटसोर्सिंग से जुड़े ठिकानों पर छापा
ईडी सूत्रों के अनुसार, धनबाद में डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक मनोज अग्रवाल और कंपनी के निदेशक एलन झा से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें उनके आवास और कार्यालय शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम ने कई बंडल फाइलें, कागजात और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। टीम ने देर रात तक दस्तावेजों की जांच की और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की।
पहले भी हो चुकी है कंपनी पर कार्रवाई
बताया गया कि ईडी की टीम वर्ष 2022 में भी डेको आउटसोर्सिंग कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि कंपनी के मालिक से लेकर कर्मचारियों तक के बीच वित्तीय लेनदेन और कमीशन से जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं। ईडी इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
कोलकाता में भी दो ठिकानों पर तलाशी
ईडी की टीम ने कोलकाता में डेको आउटसोर्सिंग से जुड़े दो ठिकानों पर भी छापेमारी की। जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल–झारखंड सीमा क्षेत्र में अवैध कोयला व्यापार का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो बिना वैध दस्तावेजों के कोयले की आपूर्ति करता है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों से इस नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज
ईडी को जांच में संकेत मिले हैं कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित बड़ी रकम को विभिन्न माध्यमों से खपाया गया। इसी आधार पर जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।
सुरक्षा में तैनात रही सीआईएसएफ, एजेंसी की निगरानी जारी
छापेमारी के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि अभियान के दौरान जब्त नकदी या अन्य सामग्री को लेकर ईडी की ओर से आधिकारिक जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 21 नवंबर को भी ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कुल 44 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे।
