BCCL के CMD ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि झारखंड में कोयला चोरी हो रही है। अवैध खनन के कारण डिस्पैच घटा, रोजगार और राजस्व पर असर पड़ा है।
कोयला चोरी की बात अब ‘ऑफिशियल’, BCCL CMD ने सार्वजनिक रूप से माना
रांची।
झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन को लेकर अब तक जो बातें अनौपचारिक रूप से कही जा रही थीं, उन्हें अब भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के शीर्ष अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से स्वीकार कर लिया है। बीसीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) ने साफ कहा है कि राज्य में कोयले की चोरी हो रही है और इसका सीधा असर कोयला कंपनियों के डिस्पैच पर पड़ा है।
अवैध खनन और चोरी मुख्य वजह
बीसीसीएल CMD के अनुसार, कोयला डिस्पैच में गिरावट के पीछे अवैध खनन, चोरी और माफियागिरी प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि कोयला कंपनियों से निकलने वाले कोयले का एक बड़ा हिस्सा तय चैनल से बाहर चला जा रहा है, जिससे आधिकारिक डिस्पैच प्रभावित हो रहा है।
डिस्पैच में 23–35% तक की गिरावट
सीसीएल और बीसीसीएल से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए CMD ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में कई क्षेत्रों में 23 से 35 प्रतिशत तक कम डिस्पैच दर्ज किया गया है। इसका सीधा असर न केवल कंपनियों की उत्पादन योजना पर पड़ा है, बल्कि राज्य और केंद्र के राजस्व पर भी प्रभाव दिख रहा है।
रोजगार और व्यवस्था पर असर
CMD ने यह भी कहा कि अवैध कोयला कारोबार बढ़ने से संगठित रोजगार के अवसर घटते हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होती है। कोयला चोरी से जुड़े नेटवर्क के कारण स्थानीय स्तर पर माफियागिरी, हिंसा और प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ रही हैं।
कोयला डिस्पैच पर असर की पुष्टि
कटिंग में दिए गए फैक्ट-चेक सेक्शन के अनुसार, झारखंड की कोल कंपनियां इस समय देश में सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई कोल ब्लॉकों में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कम कोयला डिस्पैच हुआ है। कुछ कंपनियों ने अपने वार्षिक लक्ष्य का केवल 85 से 90 प्रतिशत ही डिस्पैच पूरा किया है।
कंपनियों का दबाव और चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, कोयला कंपनियों पर उत्पादन और डिस्पैच का भारी दबाव है, लेकिन अवैध कोयला उठाव और चोरी के कारण तय मात्रा में कोयला बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा। इससे पावर प्लांट, स्टील उद्योग और अन्य उपभोक्ता भी प्रभावित हो रहे हैं।
अब कार्रवाई की उम्मीद
BCCL CMD के इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और डिस्पैच सिस्टम को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
