रांची। झारखंड में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में 100 नए CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय) खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही अब राज्य में कुल 180 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जाएंगे।
वर्तमान स्थिति और नई योजना
फिलहाल राज्य में 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सरकार की नई योजना के तहत इन स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 180 की जा रही है। शिक्षा विभाग ने इन नए स्कूलों को शुरू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले और प्रखंड स्तर पर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।
सीबीएसई से मिलेगी मान्यता
इन सभी नए CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को सीबीएसई (CBSE) से मान्यता दिलाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों का संचालन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में किया जाएगा।
कितने स्कूल, कहां तक पढ़ाई
नई योजना के तहत चयनित स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था इस प्रकार होगी—
22 विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाई होगी
48 विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाई होगी
6 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई होगी
24 विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई कराई जाएगी
इस तरह छात्रों को प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक एक ही परिसर में बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
500 स्कूल खोलने की दीर्घकालिक योजना
राज्य सरकार की योजना केवल 100 स्कूलों तक सीमित नहीं है। सरकार ने भविष्य में 500 ऐसे विद्यालय खोलने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 100 स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें से 59 विद्यालय प्रखंड स्तर पर संचालित होंगे।
चयनित स्कूलों का उद्देश्य
इन स्कूलों का चयन इस उद्देश्य से किया गया है कि—
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शहरों जैसी शिक्षा मिल सके
प्रखंड स्तर पर ही छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध हो
शिक्षा की गुणवत्ता में समानता लाई जा सके
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में कई विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी—
1.गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई, निजी स्कूलों के समकक्ष शैक्षणिक व्यवस्था
2.व्यावहारिक शिक्षा: रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित पाठ्यक्रम
3.अंग्रेज़ी माध्यम: अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़ाने वाले प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति
4.खेलकूद की सुविधा: आधुनिक खेल मैदान और खेल सामग्री
5.तकनीकी सुविधा: स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, कंप्यूटर और डिजिटल संसाधन
6.आधुनिक प्रयोगशालाएं: विज्ञान और गणित की अत्याधुनिक लैब
7.पुस्तकालय: समृद्ध और आधुनिक पुस्तकालय
8.किताबें व पोशाक: सीबीएसई पैटर्न की किताबें और निःशुल्क पोशाक की सुविधा
शिक्षा विभाग की तैयारी
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सभी चयनित स्कूलों को आवश्यक मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इन विद्यालयों से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
