रांची।
झारखंड के कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रिम्स (RIMS) रांची में जल्द ही अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीनें लगाई जाएँगी। जिन थेरेपी के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को 1.5 से 2 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है, वह सुविधा रिम्स में मुफ्त उपलब्ध होगी।
राज्य सरकार ने इसके लिए करीब 38 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि से रिम्स में –
- लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन
- एमजीआरटी (IMRT)
- थ्री-डी सीटी सिम्यूलेटर (3D-CT)
खरीदी और स्थापित की जाएँगी।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे कैंसर रोगियों को महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, और उन्हें बेहतर उपचार राज्य के भीतर ही मिल सकेगा।
किन कैंसर में मिलेगी रेडियोथेरेपी से राहत?
नई मशीनों के ज़रिए जिन प्रमुख कैंसर का इलाज होगा, उनमें शामिल हैं—
- स्तन कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर
- मुँह का कैंसर
- फेफड़ों का कैंसर
- सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर
- गले व सिर के कैंसर
- बोन कैंसर
- पेट का कैंसर
और कई अन्य जटिल मामलों में भी रेडियोथेरेपी का उपयोग किया जा सकेगा।
कैसे काम करेंगी मशीनें
लिनियर एक्सेलेरेटर
यह मशीन ट्यूमर पर सटीक रेडिएशन देती है।
आस-पास के स्वस्थ अंगों को नुकसान नहीं पहुँचता, जिससे साइड-इफेक्ट कम होते हैं।
3-D CT सिम्यूलेटर
यह तकनीक पहले रोगी का तीन-आयामी (3-D) प्लानिंग करती है,
फिर उसी हिसाब से रेडियोथेरेपी दी जाती है।
नतीजे अधिक सटीक और सुरक्षित होते हैं।
IMRT (इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडियोथेरेपी)
इस तकनीक से कैंसर कोशिकाओं पर
नियंत्रित और सही मात्रा में रेडिएशन पहुँचाया जाता है।
जिन ऑर्गन्स को बचाना जरूरी होता है, उन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है।
निजी अस्पतालों में भारी खर्च — रिम्स में मरीजों को मिलेगी राहत
फिलहाल निजी संस्थानों में
ऐसी मशीनों से इलाज कराने पर मरीजों को —
1.75 लाख रुपये तक का खर्च उठाना पड़ता है।
लेकिन रिम्स में यह उपचार —
मुफ्त या बहुत कम खर्च में मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इससे
झारखंड के गरीब और दूरदराज़ के मरीजों को
आर्थिक व मानसिक दोनों तरह की राहत मिलेगी।
क्यों जरूरी थी नई मशीनें?
रिम्स में पुराने उपकरण होने के कारण —
- कई मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता था
- उपचार में देरी हो जाती थी
- आर्थिक बोझ बढ़ जाता था
नई मशीनों के लगने से —
- लंबा इंतज़ार खत्म होगा
- ज्यादा मरीजों का इलाज संभव होगा
- इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी
डॉक्टरों का मानना है कि
समय पर रेडियोथेरेपी मिलने से
कैंसर मरीजों की जीवन-दर में सुधार होगा।
राज्य सरकार की यह पहल
कैंसर पीड़ितों के लिए महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।अत्याधुनिक तकनीक,
बेहतर सुविधा
और मुफ्त उपचार —
तीनों मिलकर
झारखंड के हेल्थ सिस्टम को
एक नया मजबूत आधार देंगे।
