राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि झारखंड को जल्द जारी करने की मांग रखी।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार के समक्ष राज्य का पक्ष रखते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग का अंतिम वर्ष चल रहा है, ऐसे में झारखंड को उसकी बकाया राशि शीघ्र मिलनी चाहिए, ताकि पंचायतों को संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
अनुदान की दूसरी किस्त शीघ्र जारी करने की मांग
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनटाइड ग्रांट की अनुशंसा पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा आरजीएसए (RGSA) योजना के तहत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की शेष गतिविधियों के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि की मांग भी रखी गई।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर राशि जारी होती है तो पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जा सकेगा।
भाजपा नेताओं की भी रही मौजूदगी
मुलाकात के दौरान प्रदेश भाजपा के नेता भी मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, सांसद आदित्य साहू और दीपक प्रकाश भी शामिल रहे।
विपक्ष का आरोप
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही के कारण झारखंड को समय पर केंद्र की राशि नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली राशि का सही उपयोग प्रमाण अब तक केंद्र को नहीं भेजा गया है।
