ऑक्सफैम इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह पहली बार तीन हजार से अधिक हो गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अरबपतियों की कुल संपत्ति बढ़कर रिकॉर्ड करीब 1,660 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले पांच सालों के औसत की तुलना में तीन गुना अधिक है।
- 2020 के बाद अरबपतियों की दौलत में 81% की बढ़ोतरी
- 26 देशों से ज्यादा अमीरों से ज्यादा गरीब
- दुनिया के शीर्ष तीन अरबपति (जनवरी 2026 तक)
- भारत से शीर्ष तीन अमीर (जनवरी 2026 तक)
- आरक्षण प्रणाली की मिसाल: भारत
- राजनीति पर अमीरों का असर
- 5 सबसे अमीर व्यक्तियों की संपत्ति दोगुनी
- मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अरबपतियों का कब्जा
2020 के बाद अरबपतियों की दौलत में 81% की बढ़ोतरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि
- 2020 के बाद से अरबपतियों की दौलत में 81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है
- पिछले एक साल में उनकी संपत्ति में करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर (16.5 फीसदी) की बढ़ोतरी दर्ज की गई
ऑक्सफैम का कहना है कि इस गति से आने वाले समय में दुनिया में असमानता और गहरी हो सकती है।
26 देशों से ज्यादा अमीरों से ज्यादा गरीब
रिपोर्ट के अनुसार,
- दुनिया के शीर्ष 1 फीसदी अमीरों के पास कुल संपत्ति का लगभग 40 फीसदी हिस्सा है
- वहीं दुनिया के 26 सबसे गरीब देशों की कुल संपत्ति भी इन अरबपतियों से कम है
दुनिया के शीर्ष तीन अरबपति (जनवरी 2026 तक)
- एलन मस्क – लगभग 727 अरब डॉलर की संपत्ति
(कंपनी: टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स) - लैरी पेज – लगभग 263 अरब डॉलर की संपत्ति
(कंपनी: गूगल/अल्फाबेट) - जेफ बेजोस – लगभग 251 अरब डॉलर की संपत्ति
(कंपनी: अमेजन)
भारत से शीर्ष तीन अमीर (जनवरी 2026 तक)
- मुकेश अंबानी – 104.6 अरब डॉलर
(कंपनी: रिलायंस इंडस्ट्रीज) - गौतम अडाणी – 89.6 अरब डॉलर
(कंपनी: अडाणी समूह) - सावित्री जिंदल – 40.2 अरब डॉलर
(कंपनी: ओपी जिंदल समूह)
(स्रोत: ऑक्सफैम इंटरनेशनल)
आरक्षण प्रणाली की मिसाल: भारत
ऑक्सफैम की रिपोर्ट में भारत की आरक्षण प्रणाली को एक सकारात्मक मिसाल के रूप में पेश किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार,
- भारत की आरक्षण नीति ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों को
- राजनीति, शिक्षा और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व दिलाने में मदद की है
ऑक्सफैम का कहना है कि यदि कोटा सिस्टम नहीं होता, तो सामाजिक असमानता और अधिक बढ़ सकती थी।
राजनीति पर अमीरों का असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि
- दुनिया भर में अमीर लोग सिर्फ अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि राजनीति को भी नियंत्रित कर रहे हैं
- कई देशों में लोकतंत्र को अमीरों के प्रभाव से खतरा सात गुना ज्यादा है
5 सबसे अमीर व्यक्तियों की संपत्ति दोगुनी
रिपोर्ट बताती है कि
- दुनिया के पांच सबसे अमीर व्यक्तियों की संपत्ति 2020 के बाद से दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है
- अरबपति राजनीतिक फैसलों, मीडिया और सार्वजनिक नीतियों पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं
- बड़ी कंपनियां मजदूरी कम रखकर और करों से बचकर अपना मुनाफा बढ़ा रही हैं
मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अरबपतियों का कब्जा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि
- दुनिया की आधी से ज्यादा बड़ी मीडिया कंपनियों और लगभग सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
- अरबपतियों के स्वामित्व में हैं, जिससे सूचना और विचारों पर उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
