21वीं सदी में तेल और गैस की जगह अब दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) ने ले ली है। यही खनिज भविष्य की अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), स्मार्टफोन, सोलर एनर्जी, 5G उपकरणों, मिसाइलों और अंतरिक्ष तकनीकों की रीढ़ हैं। दुनिया की महाशक्तियाँ इन खनिजों पर कब्ज़े के लिए संघर्ष कर रही हैं, और इस वैश्विक दौड़ में ऑस्ट्रेलिया एक नए खनिज सुपरपावर के रूप में उभर रहा है।
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अमेरिका ने रूस की तेल कंपनियों पर लगाए नए प्रतिबंध, भारत की सप्लाई पर पड़ सकता है असर
अमेरिका ने रूस की दो प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रूस अपनी तेल आपूर्ति के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी आर्थिक पकड़ मजबूत कर रहा है। इन प्रतिबंधों का असर सिर्फ रूस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत सहित दुनिया के […]

