भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति घोषणा में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की।
अब देश में रेपो रेट 5.25% हो गया है।
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गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई MPC की 3 दिन की बैठक के बाद यह फैसला सामने आया।
क्यों लिया गया यह फैसला?
RBI ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति इस समय मज़बूत है—
- GDP अच्छी रफ्तार में
- महंगाई पिछले कई महीनों से नियंत्रण में
- घरेलू मांग लगातार बेहतर
इन्हीं कारणों से ब्याज दर में सीमित कटौती की गई है।
रुपये की कमजोरी पर RBI सतर्क
हालाँकि, RBI ने आगे के लिए सतर्क रुख अपनाया है।
रुपया इस समय 90 रुपये प्रति डॉलर के आसपास चल रहा है, जो चिंता की बात है।
विशेषज्ञों की राय क्या थी?
- अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि RBI दर नहीं बदलेगा
- कुछ ने 25 bps कटौती की संभावना जताई थी
- अंततः RBI ने छोटी कटौती का विकल्प चुना
इससे पहले RBI कितनी कटौती कर चुका है?
साल 2025 में RBI तीन बैठकों में कुल 100 bps की कटौती कर चुका है।
यह इस साल की चौथी कटौती है।
अब तक कुल कटौती 125 bps हो चुकी है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं?
RBI ने स्पष्ट किया कि:
- महंगाई नियंत्रण में रही तो आगे और राहत मिल सकती है
- रुपये की स्थिति खराब हुई तो RBI सख्ती भी दिखा सकता है
- सभी फैसले आने वाले आर्थिक डेटा पर निर्भर करेंगे
इसका सीधा असर जनता पर
- होम लोन और कार लोन की EMI कम हो सकती है
- बिज़नेस लोन लेने वालों को राहत
- निवेश गतिविधियों में गति आ सकती है
