पटना । बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजयेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। यह बजट 2025-30 के बीच सात निश्चय-3 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वित्त मंत्री ने अपने 12 मिनट के भाषण में स्पष्ट किया कि बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट आकार 3,16,895.02 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक का प्रावधान किया गया है।
“ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान” का प्रतीक
बजट पेश करते समय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह बजट “ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान” के पांच स्तंभों का प्रतीक है। यही पांच तत्व विकसित बिहार की दिशा में समावेशी प्रगति और न्याय के साथ विकास को सुनिश्चित करते हैं।
पहली बार
- ₹8012 करोड़ उच्च शिक्षा के लिए अलग प्रावधान
- ₹50 लाख करोड़ का टेक हब बनाने हेतु निजी निवेश का लक्ष्य
- 73 लाख किसानों को हर साल 3-3 हजार रुपये सहायता
बजट का ढांचा
- वार्षिक योजना आकार: ₹1,22,155.42 करोड़
- स्थापना व प्रतिबद्ध खर्च: ₹2,25,434.34 करोड़
- स्थापना खर्च प्रावधान: ₹2,00,135.42 करोड़
केंद्र से मिलने वाली राशि
- कुल अनुमानित केंद्रीय सहायता: ₹1,58,178.22 करोड़
- सहायक अनुदान: ₹51,895.81 करोड़
- केंद्र प्रायोजित योजनाएं: ₹44,002.81 करोड़
- 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा: ₹7,893 करोड़
- राज्य आपदा राहत मद: ₹1,721 करोड़
- ग्रामीण निकाय: ₹4,012 करोड़
- शहरी निकाय: ₹3,160 करोड़
शिक्षा सर्वोपरि
- शिक्षा व उच्च शिक्षा: ₹68,216.95 करोड़ (सबसे अधिक)
- ग्रामीण विकास: ₹23,701.18 करोड़
- स्वास्थ्य: ₹21,270.40 करोड़
- गृह: ₹20,132.87 करोड़
- ऊर्जा: ₹18,737.06 करोड़
- सड़कें (शहरी+ग्रामीण): ₹19,716.97 करोड़
- सामाजिक क्षेत्र: ₹13,202.38 करोड़
महिलाओं को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी। अब रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की ग्रांट दी जाएगी। यह राशि अनुदान होगी, ऋण नहीं।
राजकोषीय घाटा
- अनुमानित घाटा: ₹39,400 करोड़
- जीएसडीपी का 2.99%
- 2024-25 में यह 0.04% था
- कुल राजकोषीय घाटा 4.16% दर्ज
निजी निवेश लक्ष्य
- 5 लाख करोड़ निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य
- प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने की योजना
- राज्य का स्वयं का कर राजस्व: ₹75,202.98 करोड़
- राज्य हिस्सेदारी: ₹65,800 करोड़
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क्या कहा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा:
“यह बजट विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर आधारित इस बजट में समाज के सभी वर्गों — किसान, युवा, महिला, उद्यमी — सबका ध्यान रखा गया है। यह समावेशी और विकास को बढ़ावा देने वाला बजट है।”
उन्होंने आगे कहा:
- बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ से अधिक का है
- पिछले वर्ष से 30 हजार करोड़ ज्यादा
- 2026-27 में विकास दर 14.9% रहने का अनुमान
- सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को पूरा करने में मदद
- अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार लक्ष्य
- वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जारी
- हर परिवार की एक महिला को रोजगार सहायता देने का प्रावधान
उद्योग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बजट युवाओं के कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विकास को गति देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से सहयोग मिल रहा है और आने वाले वर्षों में बिहार विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
