दीपावली को मिली वैश्विक पहचान, यूनेस्को ने दी अंतरराष्ट्रीय मान्यता

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भारतीय संस्कृति के लिए गर्व का क्षण है। यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल कर लिया है। दुनिया भर में मनाए जाने वाले इस प्रमुख भारतीय हिंदू त्योहार को अब आधिकारिक वैश्विक मान्यता मिल गई है।

यूनेस्को की इस सूची में शामिल होना किसी भी परंपरा के लिए बड़ा सम्मान माना जाता है। इससे दीपावली की सांस्कृतिक महत्ता, धार्मिक भावना और सामाजिक संदेश को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी।

दीपावली क्यों हुई शामिल?

यूनेस्को ने कहा कि दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकाश का संदेश देने वाली भारतीय सांस्कृतिक परंपरा है।
इस त्योहार में—

  • प्रकाश अंधकार पर जीत का प्रतीक है
  • बुराई पर अच्छाई का संदेश दिया जाता है
  • परिवार, समाज और समुदाय के बीच एकता और उत्सव का वातावरण बनता है

इन मूल्यों ने इसे पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया है।

इस मान्यता से क्या बदलेगा?

  • भारत की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी
  • विदेशों में दीपावली से जुड़े पर्यटन और कार्यक्रम बढ़ेंगे
  • भारतीय परंपराओं को विश्व मंच पर और अधिक सम्मान मिलेगा

भारत से पहले शामिल 15 महत्वपूर्ण धरोहर परंपराएँ

फोटो में दी गई सूची के अनुसार भारत की कई प्रमुख सांस्कृतिक परंपराएँ पहले ही यूनेस्को की सूची में शामिल हैं, जैसे—
कुंभ मेला, रामलीला, योग, छऊ नृत्य, बौद्ध chanting, नवाज़गारी, दुर्गा पूजा आदि।

दीपावली का नाम जुड़ने के बाद यह सूची और भी समृद्ध हो गई है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.