प्रधानमंत्री Narendra Modi और जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz के बीच Gandhinagar में हुई उच्चस्तरीय बैठक से India Germany Strategic Partnership को नई गति मिली है। दोनों नेताओं ने bilateral talks और delegation level meeting के दौरान आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
- Defence and Security Cooperation पर फोकस
- Green Energy और Green Hydrogen पर खास जोर
- Technology, Innovation and Research में साझेदारी
- Trade and Economic Relations होंगे मजबूत
- Education, Skilling और Youth Opportunities
- People to People Ties होंगे और मजबूत
- कई अहम MoU पर सहमति
- दोनों नेताओं ने कहा कि दुनिया की तीसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते भारत और जर्मनी स्वाभाविक साझेदार हैं। यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता, शांति और समृद्धि को आगे बढ़ाएगी।इन बैठकों और समझौतों से न सिर्फ दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि खासकर युवाओं और व्यवसायों के लिए नए अवसरों का रास्ता भी खुलेगा।
Defence and Security Cooperation पर फोकस
बैठक में defence and security cooperation को अहम बताया गया। दोनों देशों ने बदलते वैश्विक हालात को देखते हुए रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इस दिशा में रक्षा क्षेत्र से जुड़े MoUs को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों ने माना कि तेजी से बदलते वैश्विक हालात में यह सहयोग और भी जरूरी हो गया है।
Green Energy और Green Hydrogen पर खास जोर
नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर हुए समझौते भारत के ऊर्जा परिवर्तन और जर्मनी की जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूती देंगे। इससे टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं के लिए नए अवसर
शिक्षा, स्किलिंग, मोबिलिटी और पीपल-टू-पीपल टाईज से जुड़े समझौते भारतीय युवाओं के लिए नए रास्ते खोलेंगे। रिसर्च, उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
Technology, Innovation and Research में साझेदारी
technology, innovation and research के क्षेत्र में सहयोग को भविष्य की साझेदारी का मजबूत आधार बताया गया। खासतौर पर critical and emerging technologies में मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
Trade and Economic Relations होंगे मजबूत
trade and economic relations को लेकर दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख दिखाया। भारत और जर्मनी के बीच व्यापार, निवेश और इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन बढ़ाने पर सहमति बनी, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद है।
Education, Skilling और Youth Opportunities
Education, skilling और mobility से जुड़े समझौतों से भारतीय युवाओं के लिए global opportunities खुलेंगी। उच्च शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के क्षेत्र में नए रास्ते बनेंगे।
People to People Ties होंगे और मजबूत
People to people ties, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में सहयोग से भारत-जर्मनी संबंध सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक पहुंचेंगे।
कई अहम MoU पर सहमति
वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा व सुरक्षा, व्यापार व अर्थव्यवस्था, क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, विज्ञान एवं तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिक्षा, स्किलिंग, संस्कृति, खेल और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कई MoU/समझौतों को अपनाया गया।
