नई दिल्ली।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात पहली बार चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2026 में देश के चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों से उत्पादन शुरू हो जाएगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को और गति मिलेगी।
- 2025 में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक निर्यात
- 2026 में चार सेमीकंडक्टर प्लांट होंगे शुरू
- 2025–26 के अंत तक 6.76 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन उत्पादन की उम्मीद
- हर चार मोबाइल फोन में से एक का होगा निर्यात
- एप्पल ने घरेलू बाजार में 50 लाख आईफोन की रिकॉर्ड आपूर्ति
- इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर बना रोजगार का बड़ा स्रोत
- निष्कर्ष
2025 में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक निर्यात
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक निर्यात चार लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इससे न सिर्फ देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:
- वर्ष 2024–25 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया
- इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक निर्यात करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये रहा
सरकार को उम्मीद है कि 2026 में सेमीकंडक्टर उत्पादन शुरू होने के बाद यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।
2026 में चार सेमीकंडक्टर प्लांट होंगे शुरू
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों का व्यावसायिक उत्पादन 2026 में शुरू होगा। इससे भारत की निर्भरता आयात पर कम होगी और देश वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभाएगा।
सेमीकंडक्टर उत्पादन शुरू होने से:
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा
- मोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा उपकरणों के लिए घरेलू आपूर्ति मजबूत होगी
- उच्च तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
2025–26 के अंत तक 6.76 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन उत्पादन की उम्मीद
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025–26 के अंत तक भारत में मोबाइल फोन उत्पादन 6.76 लाख करोड़ रुपये (करीब 75 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच सकता है।
इसमें से:
- लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये (30 अरब डॉलर) का मोबाइल फोन निर्यात होने की संभावना है
यह भारत को मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा।
हर चार मोबाइल फोन में से एक का होगा निर्यात
काउंटरपॉइंट के सह-संस्थापक और रिसर्च उपाध्यक्ष नील शाह के अनुसार, चीन पर अमेरिकी शुल्क बढ़ने के बाद कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति बदल रही हैं। इसका सीधा फायदा भारत को मिल रहा है।
उनके अनुसार:
- भारत में बनने वाले हर चार मोबाइल फोन में से एक का निर्यात किया जाएगा
- 2026 तक स्मार्टफोन उत्पादन करीब 30 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकता है
एप्पल ने घरेलू बाजार में 50 लाख आईफोन की रिकॉर्ड आपूर्ति
इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) के अनुसार, एप्पल ने 2025 की तीसरी तिमाही में भारत में 50 लाख आईफोन की रिकॉर्ड आपूर्ति की।
रिपोर्ट के मुताबिक:
- प्रीमियम सेगमेंट (₹53,000–₹71,000) और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट (₹71,000 से अधिक) में एप्पल की मजबूत पकड़ बनी
- वर्ष 2025 में भारत से आईफोन निर्यात 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया
- यह आंकड़ा 2024 के 1.1 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग दोगुना है
इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर बना रोजगार का बड़ा स्रोत
उद्योग जगत के अनुमान के अनुसार:
- इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं
- मोबाइल फोन उद्योग भारत के इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर का सबसे बड़ा आधार बन चुका है
सरकार का मानना है कि सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।
निष्कर्ष
इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि और सेमीकंडक्टर उत्पादन की शुरुआत भारत को:
- वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक हब के रूप में स्थापित करेगी
- आयात पर निर्भरता घटाएगी
- रोजगार और निवेश के नए अवसर खोलेगी
2026 भारत के इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए निर्णायक वर्ष साबित हो सकता है।
