देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों IIT (Indian Institute of Technology) और IIM (Indian Institute of Management) में सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा किया जा सकता है। Union Budget 2026 में केंद्र सरकार IIT में 6000 सीटें और IIM में 2000 सीटें बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही कुछ NIT (National Institute of Technology) में भी सीटें बढ़ाने की तैयारी है।
Union Budget 2026 में हो सकती है घोषणा
सूत्रों के अनुसार Union Budget 2026 में तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दी जा सकती है। NEP 2020 (National Education Policy 2020) के तहत भारत को Global Education Hub बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हासिल करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
IIT और IIM में सीटें बढ़ाने की क्यों पड़ी जरूरत
वर्तमान समय में IIT और IIM जैसे संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक है, जबकि उपलब्ध सीटें सीमित हैं।
इसी कारण:
- बड़ी संख्या में योग्य छात्र एडमिशन से वंचित रह जाते हैं
- प्रतियोगिता अत्यधिक बढ़ जाती है
- देश को कुशल मानव संसाधन का पूरा लाभ नहीं मिल पाता
इन्हीं कारणों से सीटें बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
2026 तक IIT सीटों का बड़ा लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक 23 IITs में सीटों की संख्या को बढ़ाकर लगभग 24 हजार तक करने का है।
इसी क्रम में 22वें IIM Guwahati को भी मंजूरी दी गई है, जिससे IIM में सीटों की संख्या और बढ़ेगी।
NIT में भी सीटें बढ़ाने की तैयारी
इस योजना के तहत कुछ NITs में भी सीटें बढ़ाई जा सकती हैं।
सूत्र बताते हैं कि IIT और IIM के साथ-साथ NIT जैसे संस्थानों में भी एडमिशन क्षमता बढ़ाने पर विचार किया गया है, ताकि अधिक छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।
नए स्किल कोर्स भी होंगे शामिल
तकनीकी संस्थानों में केवल सीटें ही नहीं बढ़ेंगी, बल्कि:
- नए Skill-based Courses
- इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोग्राम
- अलग-अलग संस्थानों में नए कोर्स
भी शुरू किए जाएंगे।
पिछले कुछ बजट के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन लगातार बढ़ रहा है।
Education Budget लगातार बढ़ा
वर्ष 2025 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया था।
इससे साफ है कि सरकार उच्च शिक्षा को मजबूत करने और भारत को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है।
