नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को दिल्ली स्थित उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ में श्रद्धांजलि सभा एवं प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं।
प्रार्थना सभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया। नेताओं ने अटल जी को राष्ट्रनिर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, कई सांसद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेता नितिन नबीन भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और जनसेवा को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत के प्रमुख शिल्पकारों में से एक बताया। अटल जी का जीवन देश की राजनीति में विचार, संवाद और सहमति की संस्कृति को मजबूत करने का प्रतीक रहा है।
गौरतलब है कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का नाम देश के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित प्रधानमंत्रियों में शामिल है। उनकी जयंती पर हर वर्ष देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके विचारों को याद किया जाता है।