नई दिल्ली | अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एक बार फिर फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर सामने आई गड़बड़ी ने एयर इंडिया को सतर्क कर दिया है। एयर इंडिया ने मंगलवार से अपने Boeing 787 Dreamliner बेड़े में फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एयरलाइन के अनुसार, अब तक करीब आधे विमानों की जांच पूरी हो चुकी है और इनमें कोई बड़ी खामी नहीं मिली है। बाकी विमानों की जांच भी जारी है।
लंदन–बेंगलुरु फ्लाइट के बाद बढ़ी सतर्कता
सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया के इंजीनियरिंग विभाग को लंदन–बेंगलुरु उड़ान से जुड़े मामले में फ्यूल कंट्रोल स्विच में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामले को प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए Boeing को भेजा गया।
बताया गया कि एक पायलट ने उड़ान से पहले फ्यूल कंट्रोल स्विच में समस्या की सूचना दी, जिसके बाद विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया।
एयर इंडिया के पास 33 Boeing 787
एयर इंडिया के बेड़े में कुल 33 Boeing 787 Dreamliner विमान हैं।
सूत्रों के अनुसार:
- जिन विमानों में प्रभावित स्विच पाए जाएंगे, उन्हें बदला जाएगा
- रेगुलेटर अलर्ट के बाद 3 फरवरी से जांच तेज की गई
- जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्विच लगाकर ही विमान को सेवा में भेजा जाएगा
- मूल निर्माता कंपनी से भी तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है
गहन जांच के लिए Boeing को भेजे गए मामले
एयरलाइन ने अपने पायलटों और ऑपरेशन टीम को निर्देश दिया है कि किसी भी असामान्य व्यवहार या तकनीकी संकेत पर तुरंत रिपोर्ट करें। कई मामलों को गहन तकनीकी जांच के लिए Boeing के पास भेजा गया है।
अहमदाबाद हादसे से जुड़ा संदर्भ
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पिछले साल अहमदाबाद में Boeing 787-8 विमान दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच में संकेत मिला था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद इंजन के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ मोड में चले गए थे।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी एविएशन सिस्टम से जुड़े स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाई गई थी।
खामी की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश
एयर इंडिया ने क्रू को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- किसी भी तकनीकी खामी की तुरंत रिपोर्ट करें
- विमान को सेवा में लेने से पहले सभी जरूरी जांच पूरी करें
- सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए
एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरी जांच के बाद ही विमानों को नियमित उड़ान में लगाया जाएगा।
