रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में
आदिवासी समुदाय से चयनित सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी
सविता कच्छप से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सविता और उनके परिवार को
राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
हेमंत सोरेन ने सविता को आगे की पढ़ाई और शोध जारी रखने के लिए शुभकामनाएँ दीं
और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी।
नक्सल क्षेत्र से उठकर बनाया बड़ा मुकाम
दुमका के श्रीअमरपुर, रद्दीपाड़ा गाँव की रहने वाली सविता
रांची स्थित महाभारत आश्रम में अपनी माँ के साथ रहती हैं।
उनका चयन IIIT रांची में
पीएचडी — इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
कोर्स के लिए हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता
- सविता टेक्निकल फेस्ट में
बेस्ट ट्रायल रिसर्च स्कॉलर रह चुकी हैं। - उन्होंने IISC(Indian Institute of Science) Bengaluru जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने सविता के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि
राज्य के युवा यदि संकल्प लें तो किसी भी मुकाम पर पहुँच सकते हैं।
मौके पर सविता कच्छप के परिजन भी मौजूद थे।
