रांची।
झारखंड के युवाओं की परेशानियों और उनके भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार युवाओं की परेशानियों को अपने कंधों पर लेकर उनके बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा मंच देना है जहाँ उनकी मेहनत, योग्यता और उपस्थिति दर्ज हो सके।
मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग सरकार की पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में साफ कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग सरकार का पहला पड़ाव है। इसके बाद राज्य सरकार JPSC, UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे और मैनेजमेंट जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी कोचिंग सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड के युवाओं को अपने करियर के लिए बाहर जाने की मजबूरी न हो और वे अपने ही राज्य में बेहतर अवसर पा सकें।
युवाओं की सफलता ही सरकार के लिए सबसे बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरी सरकार आने वाली पीढ़ी के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युवाओं की सफलता ही सरकार के लिए सबसे बड़ा उपहार होगी।
पढ़ाई के साथ संस्कृति पर भी जोर
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि युवाओं को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आदान-प्रदान और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना और निभाना चाहिए। उनका मानना है कि एक बेहतर भविष्य केवल डिग्री से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और सामाजिक चेतना से बनता है।

