Bokaro (Jharkhand) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रैफिक पुलिस ने खुद को CRPF का असिस्टेंट कमांडेंट बताने वाले एक फर्जी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपी ने न केवल अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, बल्कि जांच अधिकारी को सस्पेंड कराने की धमकी तक दे डाली। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Check Point पर पकड़ा गया फर्जी अधिकारी, फर्जी आईडी बरामद
जानकारी के अनुसार, बोकारो ट्रैफिक पुलिस बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नयामोड़ चेक प्वाइंट पर वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति खुद को सीआरपीएफ का असिस्टेंट कमांडेंट बताकर पुलिस पर दबाव बनाने लगा। शक होने पर जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो पुलिस ने उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान उसके पास से
- CRPF के दो फर्जी पहचान पत्र
- और NSG का एक फर्जी आईडी कार्ड
बरामद किया गया। आरोपी की पहचान जोशी कॉलोनी, बोकारो निवासी अश्विनी ठाकुर के रूप में हुई है।
धमकी देकर SP को फोन कर शिकायत भी की, मामला और गंभीर
पुलिस के अनुसार, पहचान उजागर होने पर आरोपी ने जांच अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि वह उसे सस्पेंड करवा देगा। इसके बाद उसने बोकारो के एसपी हरविंदर सिंह को फोन कर शिकायत भी की। हालांकि, ट्रैफिक डीएसपी द्वारा मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई।
इसके बाद आरोपी के खिलाफ बीएस सिटी थाना में फर्जीवाड़ा और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस उपाधीक्षक आलोक रंजन ने बताया कि बिना हेलमेट बाइक चला रहे युवक को जांच के लिए रोका गया था, तभी उसने खुद को अधिकारी बताकर रौब दिखाना शुरू किया।
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि
- आरोपी कब से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहा था,
- क्या उसने पहले भी किसी सरकारी काम में हस्तक्षेप किया है,
- और उसके नेटवर्क से कोई अन्य व्यक्ति जुड़ा हुआ है या नहीं।
यह मामला न केवल फर्जी पहचान के जरिए रौब दिखाने की कोशिश को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस की सतर्कता से बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी अधिकारी बनकर कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, और जांच पूरी होने के बाद और खुलासे हो सकते हैं।
