Ranchi Sadar Hospital Scam: अस्पताल का कारपेट एरिया तीन गुना बढ़ाकर दिखाया, एजेंसी को मिला अधिक भुगतान

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रांची सदर अस्पताल निर्माण में बड़ा खुलासा। कारपेट एरिया तीन गुना बढ़ाकर दिखाने, गलत माप और अतिरिक्त भुगतान का आरोप। आंतरिक रिपोर्ट के बाद जांच के आदेश।

Ranchi Sadar Hospital में बड़ा खुलासा

रांची। राजधानी रांची के सदर अस्पताल निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की आंतरिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि भवन निर्माण के दौरान कारपेट एरिया वास्तविक से तीन गुना तक अधिक दिखाया गया, जिसके आधार पर निर्माण एजेंसी को अतिरिक्त भुगतान किया गया।

हाउसकीपिंग और निर्माण टेंडर में गड़बड़ी के आरोप

सदर अस्पताल में हाउसकीपिंग और निर्माण से जुड़े टेंडरों में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर एजेंसी को लाभ पहुंचाया गया और वास्तविक कार्य से अधिक क्षेत्रफल दर्शाकर भुगतान किया गया। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

आंतरिक रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

अस्पताल प्रबंधन द्वारा तैयार आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भवन का वास्तविक कारपेट एरिया लगभग 2.68 लाख वर्गफुट था, जबकि भुगतान के लिए इसे 6.78 लाख वर्गफुट तक दर्शाया गया। यानी कारपेट एरिया को लगभग तीन गुना बढ़ाकर दिखाया गया, जिससे एजेंसी को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

पहले भी दिए गए थे गलत आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, भवन निर्माण के दौरान पहले भी क्षेत्रफल को लेकर अलग-अलग आंकड़े प्रस्तुत किए गए। कहीं कुल निर्मित क्षेत्र बढ़ाकर दिखाया गया तो कहीं खुला परिसर भी कारपेट एरिया में शामिल कर लिया गया। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई है।

संयुक्त सचिव ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच में टेंडर प्रक्रिया, माप-जोख रिपोर्ट, भुगतान फाइल और एजेंसी की भूमिका की गहन समीक्षा की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिपोर्ट में किए गए दावे सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी धन के बड़े दुरुपयोग का बन सकता है। इससे राज्य की स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

आगे क्या होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित एजेंसी को कोई नया भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर तकनीकी ऑडिट और स्वतंत्र मूल्यांकन भी कराया जाएगा, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.