केंद्र सरकार ने झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये की पहली किस्त को मंजूरी दे दी है। जानिए पैसा कब मिलेगा और कैसे होगा खर्च।
केंद्र से फंसे पैसे का रास्ता साफ
झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के विकास के लिए लंबे समय से अटका केंद्र सरकार का अनुदान अब जारी होने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्य सरकार को करीब 700 करोड़ रुपये की पहली किस्त देने की मंजूरी दे दी है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2024–25 की है और एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को मिलने की संभावना है।
विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयास लाए रंग
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस अनुदान के लिए लगातार केंद्र सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों से संपर्क बनाए रखा। उनके प्रयासों के बाद वित्त मंत्रालय ने सहमति दी और पंचायतों के विकास के लिए राशि जारी करने का रास्ता साफ हुआ। मंत्री ने कहा कि यह राशि गांवों के समग्र विकास में खर्च की जाएगी।
गांवों के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार के अनुसार, इस फंड से गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इससे न केवल पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। लंबे समय से राज्य सरकार इस राशि को विकास कार्यों में लगाने की तैयारी कर रही थी।
राज्य ने दोबारा केंद्र से मांगा था अनुदान
केंद्र की आपत्तियों के बाद झारखंड सरकार ने 10 सितंबर, 14 नवंबर और 25 नवंबर 2025 को पत्र भेजकर कुल 1,385 करोड़ रुपये के अनुदान की औपचारिक मांग दोहराई थी। इसके बाद 16 अक्टूबर 2025 को राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया।
40:60 के अनुपात में होगा राशि का वितरण
राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों और नगर निकायों के बीच 40:60 के अनुपात में धनराशि बांटने का निर्णय लिया गया है। इससे पंचायतों के साथ-साथ शहरी निकायों को भी विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
अभी बाकी है आगे की किस्त
हालांकि, आयोग की पूरी अनुदान राशि अब तक राज्य को नहीं मिली है। यह पहली किस्त है और आगे की किस्तें मिलने की उम्मीद सरकार को है। राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र से निरंतर सहयोग मिलने पर विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
