अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत बोकारो में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) प्रोजेक्ट के निर्माण को जल्द हरी झंडी मिल सकती है। यह परियोजना 740 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है। लंबे समय से चले आ रहे भूमि मूल्य को लेकर गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने शुक्रवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
740 एकड़ भूमि पर होना है निर्माण
बैठक में स्पष्ट किया गया कि आईएमसी प्रोजेक्ट का निर्माण 740 एकड़ भूमि पर किया जाना है। उद्योग मंत्री ने बोकारो स्टील प्लांट को साफ संदेश दिया कि भूमि का हस्तांतरण मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर ही किया जाएगा। इस बिंदु पर स्पष्ट निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री स्तर पर गंभीरता, तेजी से उतारने के निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल राज्य में औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
भूमि मूल्य विवाद सुलझने की उम्मीद
लंबे समय से भूमि मूल्य को लेकर चल रहे विवाद के समाप्त होने की उम्मीद भी बैठक में जताई गई। मंत्री ने कहा कि सर्किल रेट के आधार पर सहमति बनने से परियोजना के रास्ते की बड़ी बाधा दूर हो सकती है।
50 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
बैठक के दौरान बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि भूमि संबंधी जटिलताओं के कारण आईएमसी परियोजना वर्ष 2021 से रुकी हुई है। उन्होंने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक भूमि मूल्यांकन और त्वरित निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही केंद्रीय इस्पात मंत्री और इस्पात सचिव से मिलने के लिए दिल्ली जाएगा। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। यह परियोजना झारखंड के औद्योगिक विकास में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकती है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में बोकारो विधायक श्वेता सिंह के अलावा उद्योग विभाग के सचिव, भूमि अभिलेख झारखंड के निदेशक, उद्योग झारखंड के निदेशक, जियाडा के प्रबंध निदेशक, बोकारो के उपायुक्त, सेल बोकारो के नगर प्रशासक सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
