लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हुई चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और देश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तय करने का हक केवल भारत के नागरिकों को है, न कि अवैध घुसपैठियों को।
अमित शाह ने कहा कि हाल के वर्षों में कई राज्यों में ऐसी स्थिति आई, जहाँ घुसपैठियों पर राजनीति की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल चुनाव जीतने के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देते हैं और जब चुनाव में हार मिलती है तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं।
शाह ने विपक्ष पर लगाए आरोप
शाह ने कहा कि—
- कांग्रेस ने कई बार लोकसभा में मतदान के दौरान वाकआउट किया है।
- हार के बाद विपक्ष हमेशा ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देता है।
- उत्तर पूर्व, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में अवैध घुसपैठ गंभीर चुनौती बन चुकी है।
उन्होंने साफ कहा कि भाजपा किसी भी कीमत पर अवैध घुसपैठ को देश की राजनीति और सुरक्षा प्रभावित नहीं करने देगी।
विपक्ष पर ‘घुसपैठियों को बचाने’ का आरोप
गृह मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष घुसपैठियों को बचाएगा, तो भाजपा चुनाव मैदान में इसे मुद्दा जरूर बनाएगी। शाह ने कहा कि भारत की सुरक्षा सर्वोपरि है और घुसपैठ देश की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को नुकसान पहुंचाती है।
चुनाव सुधारों पर सरकार का रुख
चुनाव सुधारों पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य चुनाव प्रणाली को और पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि कई बार विपक्ष ने चुनाव हारकर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर हमला किया है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
अमित शाह के इस बयान के बाद संसद में तीखी बहस देखने को मिली और विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
