झारखंड सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र को और उपयोगी और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में उसका नाम हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दर्ज होगा।
सरकार का कहना है कि इससे स्कूल में नामांकन, आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य सरकारी योजनाओं में दस्तावेज़ का उपयोग करना पहले से आसान हो जाएगा।
ग्रामिण इलाकों को सबसे ज्यादा लाभ
सरकार मानती है कि इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा, जहाँ जन्म प्रमाण पत्र अक्सर सहिया या सेविका के माध्यम से बनते हैं। अब दोनों भाषाओं में नाम दर्ज होने से किसी भी दस्तावेज़ में अंतर की संभावना कम हो जाएगी।
ऑटोमेटिक हिंदी–अंग्रेज़ी नाम जनरेशन में दिक्कतें
नया सिस्टम केंद्र सरकार के पोर्टल अपडेट के बाद लागू हुआ है, लेकिन इसके चलते कुछ समस्याएँ भी सामने आई हैं।
- कई बार अंग्रेज़ी अक्षरों के आधार पर सिस्टम अपने-आप गलत हिंदी नाम चुन लेता है।
- इससे अंग्रेज़ी और हिंदी में बच्चे के नाम अलग-अलग दिख सकते हैं।
- उदाहरण के तौर पर—अंग्रेज़ी में Manoj, लेकिन हिंदी में सिस्टम लिख देता है मनोजा।
नगर निगम ने बताया कि इन तकनीकी गलतियों को जल्द ठीक किया जाएगा और आवेदनकर्ताओं को सही नाम दर्ज कराने में मदद दी जाएगी।
