गिरिडीह जिले में ठंड ने अपना असर तेज कर दिया है। शीतलहर के कारण तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।
शाम होते ही अलाव का सहारा
शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों और गलियों में लोग अलाव के सहारे सर्दी से बचते नजर आ रहे हैं। विशेष रूप से गरीब, दिहाड़ी मजदूर और बेघर लोगों के लिए ठंड बड़ी समस्या बन गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी
ग्रामीण इलाकों में हालात और गंभीर हैं। पर्याप्त कपड़े और हीटर जैसी सुविधाएं न होने के कारण लोग लकड़ी और कचरे से आग जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
बाजारों में बढ़ी गर्म कपड़ों की मांग
ठंड बढ़ते ही बाजारों में ऊनी कपड़ों, जैकेट, स्वेटर और कंबलों की मांग बढ़ गई है। फुटपाथों और अस्थायी दुकानों पर गर्म कपड़े खरीदने लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
कंबल वितरण नहीं होने पर नाराजगी
शीतलहर के बावजूद अब तक जिले में बड़े स्तर पर कंबल वितरण शुरू नहीं होने से जरूरतमंदों में नाराजगी है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गरीबों के लिए अलाव और कंबल की व्यवस्था करने की मांग की है।
प्रशासन से राहत की मांग
लोगों का कहना है कि ठंड से बुजुर्ग, बच्चे और बीमार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में जल्द राहत व्यवस्था जरूरी है ताकि ठंड से होने वाली समस्याओं से लोगों को बचाया जा सके।
