गिरिडीह–पचंबा मार्ग पर बन रही फोरलेन सड़क आम लोगों के लिए राहत देने की बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़क निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही के कारण लोग लगातार जोखिम में सफर करने को मजबूर हैं।
जगह-जगह अधूरा काम, टूटा डिवाइडर
फोरलेन सड़क पर कई स्थानों पर डिवाइडर टूटा हुआ है या अधूरा छोड़ा गया है। कहीं भी सुधारात्मक संकेतक (इंडिकेटर) या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इससे विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
क्रॉसिंग पर नहीं है सुरक्षा इंतजाम
सड़क की क्रॉसिंग पर दिशा संकेत, ब्रेकर और इंडिकेटर की अनुपस्थिति के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। तेज गति में आने वाले वाहनों को समय पर रास्ता समझ नहीं आता, जिससे टक्कर और दुर्घटनाएं हो रही हैं।
विभाग का दावा, जनता असंतुष्ट
निर्माण एजेंसी और विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही समस्याएं दूर कर ली जाएंगी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी कई कमियां मौजूद हैं और काम अधूरा है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि सड़क पर अव्यवस्था के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। जरा सी चूक गंभीर हादसे में बदल सकती है।
सुधार की मांग
लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले टूटे डिवाइडरों की मरम्मत, क्रॉसिंग पर सुरक्षा संकेतक, स्ट्रीट लाइट और आवश्यक रोड मार्किंग जल्द की जाए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
