उत्तरी गोवा में स्थित एक नाइट क्लब में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, क्लब के अंदर अत्यधिक भीड़ और संकरे रास्तों के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके, जिससे हालात बेकाबू हो गए और हादसा हुआ।
क्षमता से कई गुना ज्यादा भीड़
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, जिस फ्लोर पर हादसा हुआ, वहां क्षमता से कहीं ज्यादा लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब आग लगी, उस समय डांस फ्लोर पर 100 से अधिक लोग थे, जबकि नीचे के हिस्सों में कर्मचारी और पर्यटक फंसे रह गए।
निकासी मार्ग बने सबसे बड़ी समस्या
हादसे के दौरान सबसे बड़ी समस्या क्लब के अंदर मौजूद संकरे और अव्यवस्थित निकासी रास्ते बने। मार्ग इतने संकरे थे कि भीड़ एकसाथ बाहर नहीं निकल सकी। सरकारी गलियां होने के कारण दमकल कर्मियों को भी घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हुई।
दमकल पहुंचने में देरी, बढ़ा नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दमकल को करीब 400 मीटर दूर ही रोक दिया गया था, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ। अधिकारियों का मानना है कि अधिकतर मौतें दम घुटने के कारण हुईं।
प्रशासनिक चूक पर उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि क्लब में आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। विपक्षी दलों ने इसे शासन की विफलता बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं और मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई
घटना के बाद सभी नाइट क्लबों के अग्नि सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले क्लबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
