इंदौर से नई दिल्ली जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन संख्या 20957 में एक महिला यात्री द्वारा खिड़की तोड़े जाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना ट्रेन के एसी कोच में घटी, जहां महिला अपनी बच्ची के साथ यात्रा कर रही थी।
क्या है पूरा मामला?
- महिला यात्री ने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान उसका पर्स चोरी हो गया।
- इसमें नकदी के साथ जरूरी दस्तावेज भी मौजूद थे।
- महिला का कहना है कि RPF (रेलवे सुरक्षा बल) और कोच स्टाफ से मदद मांगी गई, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं की गई।
- लगातार अनदेखी से नाराज़ होकर महिला ने धातु की प्लेट उठाकर ट्रेन की खिड़की का शीशा तोड़ दिया।
- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
वीडियो वायरल, यात्रियों में नाराजगी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला को चीखते हुए यह कहते सुना गया – “मेरा पैसा वापस करो”। आसपास मौजूद यात्री और स्टाफ महिला को शांत कराने का प्रयास करते दिखे, लेकिन किसी ने भी तत्काल कदम नहीं उठाया।
रेलवे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं:
- क्या रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित है?
- चोरी की शिकायत दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- एसी कोच में लगातार चोरी और झपटमारी की घटनाएं रेलवे प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती हैं।
यात्रियों की बढ़ती शिकायतें
रेलवे यात्रियों के अनुसार:
- एसी कोच में भी चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं।
- कई बार शिकायत दर्ज करने के बावजूद त्वरित कार्रवाई नहीं होती।
- यात्रियों को मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
रेलवे का संभावित रुख
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, घटना की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि:
- सुरक्षा कर्मियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
- क्या महिला द्वारा खिड़की तोड़ने का कारण लापरवाही थी या गुस्से में उठाया गया कदम?
निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त सुधारों की आवश्यकता है। यात्रियों की सुरक्षा केवल घोषणाओं तक सीमित है या वास्तव में जमीन पर काम हो रहा है, यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।
आपकी राय महत्वपूर्ण है
क्या रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए?
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