धनबाद : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 54वें स्थापना दिवस समारोह में धनबाद के ऐतिहासिक गोल्फ ग्राउंड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आउटसोर्सिंग कंपनियों और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में काम कर रहीं आउटसोर्सिंग कंपनियां अगर 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देतीं, तो स्थानीय लोग अपने हक के लिए उन पर कब्जा कर लें।
- सीएम बोले: अपना हक लीजिए, नहीं तो कोई देने वाला नहीं
- बिना गुरुजी के आसान नहीं होगी न्याय की लड़ाई
- एक साल में 26 हजार से अधिक को मिली नौकरी
- सीएम की चार बड़ी बातें
- 1) गुरुजी के बताए रास्ते पर चलें
- 2) बाहरी भी अब खुद को झारखंडी कहते हैं
- 3) पूरी ताकत से लड़ें निकाय चुनाव
- 4) आचार संहिता के कारण दिन में समारोह
- पहली बार गुरुजी के बिना मना स्थापना दिवस
समारोह में हजारों की संख्या में समर्थक जुटे। यह पहला स्थापना दिवस था जो गुरुजी (शिबू सोरेन) की अनुपस्थिति में मनाया गया। मंच पर उनके लिए कुर्सी लगाई गई और तस्वीर रखी गई, जिसे देख समर्थक भावुक भी दिखे।
सीएम बोले: अपना हक लीजिए, नहीं तो कोई देने वाला नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला क्षेत्र में काम कर रहीं कई आउटसोर्सिंग कंपनियां बाहर से मजदूर लाकर काम करा रही हैं ताकि स्थानीय लोग अपने अधिकार की लड़ाई न लड़ सकें।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कानून बनाया है कि ऐसी कंपनियों को 75% स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा। अगर कंपनियां यह नहीं मानतीं, तो स्थानीय लोग अपने हक के लिए आगे आएं।
सीएम ने दो टूक कहा—
“अपना हक लीजिए, नहीं तो कंपनियां देने वाली नहीं हैं।”
बिना गुरुजी के आसान नहीं होगी न्याय की लड़ाई
हेमंत सोरेन ने कहा कि गुरुजी के मार्गदर्शन के बिना न्याय की लड़ाई आसान नहीं होगी। गुरुजी ने लंबा संघर्ष किया है और उसी राह पर चलकर मंजिल मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुरुजी की पहचान पूरे देश-दुनिया में है और उनका संघर्ष झारखंड की पहचान है।
एक साल में 26 हजार से अधिक को मिली नौकरी
सीएम ने दावा किया कि हेमंत सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में 26 हजार से अधिक लोगों को नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय नीति लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम की चार बड़ी बातें
1) गुरुजी के बताए रास्ते पर चलें
उन्होंने कहा कि देर से ही सही, लेकिन सही मंजिल मिलेगी अगर गुरुजी के संघर्ष और विचारधारा पर चला जाए।
2) बाहरी भी अब खुद को झारखंडी कहते हैं
सीएम ने कहा कि परिस्थितियां बदली हैं। अब जो लोग पहले झारखंड को अलग नजर से देखते थे, वे भी खुद को झारखंडी कहकर गर्व महसूस करते हैं।
3) पूरी ताकत से लड़ें निकाय चुनाव
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि गांव से लेकर शहर तक राजनीतिक ताकत बढ़ानी है और निकाय चुनाव पूरी ताकत से लड़कर जीत हासिल करनी है।
4) आचार संहिता के कारण दिन में समारोह
झामुमो अध्यक्ष ने बताया कि सामान्यतः स्थापना दिवस रात में मनाया जाता है, लेकिन इस बार आचार संहिता के कारण दिन में आयोजन हुआ।
पहली बार गुरुजी के बिना मना स्थापना दिवस
समारोह में गुरुजी के लिए मंच पर कुर्सी रखी गई। उनकी तस्वीर भी सजाई गई थी। समर्थक उनकी तस्वीर की ओर निहारते दिखे। यह पहला मौका था जब स्थापना दिवस उनके बिना मनाया गया।
