झारखंड उच्चतर शिक्षा पुरस्कार योजना: शिक्षकों-विद्यार्थियों से जल्द मांगे जाएंगे आवेदन, पोर्टल तैयार

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रांची | झारखंड के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रशासकों और संस्थानों को सम्मानित करने का फैसला लिया है। इसके लिए झारखंड राज्य उच्चतर शिक्षा पुरस्कार योजना लागू की जा रही है। विभाग ने इस योजना के लिए पोर्टल भी तैयार कर लिया है और जल्द ही आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस पुरस्कार का उद्देश्य उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है।

किन्हें मिलेगा पुरस्कार

इस योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शोध कार्य से जुड़े विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें निम्न विषय शामिल होंगे:

  • अर्थशास्त्र
  • सामाजिक विज्ञान
  • लाइफ साइंस
  • इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी
  • बेसिक साइंस (भौतिकी, रसायनशास्त्र, बायोलॉजी)
  • गणित व सांख्यिकी
  • जनजातीय भाषाएं
  • गैर-जनजातीय भाषाएं

अध्ययनरत विद्यार्थी भी इसमें भाग ले सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है।

तीन अनुशंसा पत्र अनिवार्य

आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को तीन अनुशंसा पत्र देना अनिवार्य होगा:

  1. संबंधित संस्थान के शिक्षक से
  2. किसी अन्य संस्थान के शिक्षक से
  3. एक स्वतंत्र अकादमिक अनुशंसा

कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि

विद्यार्थियों के लिए

  • प्रथम पुरस्कार: ₹1 लाख
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹1 लाख
  • वार्षिक पुरस्कार: ₹1 लाख प्रति विषय

हर विषय में चयन एक्सपर्ट सर्च कमेटी द्वारा किया जाएगा।

विषयवार पार्टनर संस्थान

  • अर्थशास्त्र: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी, नई दिल्ली
  • सोशल साइंस: गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स, पुणे
  • लाइफ साइंस: आईआईटी भुवनेश्वर
  • गणित/सांख्यिकी: इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट, कोलकाता
  • जनजातीय भाषा: डॉ. रामदयाल मुंडा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट, रांची
  • गैर-जनजातीय भाषा: स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज, जेएनयू, नई दिल्ली

झारखंड राज्य शोध रत्न पुरस्कार

शिक्षक वर्ग के लिए झारखंड राज्य शोध रत्न पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष रखी गई है।

पुरस्कार राशि

  • प्रथम पुरस्कार: ₹5 लाख
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹3 लाख
  • तृतीय पुरस्कार: ₹1 लाख

पीएचडी के सफल मार्गदर्शन और शोध योगदान के आधार पर भी सम्मान दिया जाएगा:

  • प्रथम: ₹2 लाख
  • द्वितीय: ₹1.5 लाख
  • तृतीय: ₹1 लाख

संस्थान और व्यक्ति दोनों श्रेणियों में अलग-अलग पुरस्कार होंगे।

आजीवन योगदान पर विशेष सम्मान

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार भी दिया जाएगा।
इसकी पुरस्कार राशि ₹8 लाख तक होगी।

पर्यावरण, सामाजिक और शासन संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिए भी संस्थानों को सम्मानित करने की योजना है।

विभाग जल्द ही आवेदन की तिथि और प्रक्रिया जारी करेगा। पोर्टल तैयार होने के बाद ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.